भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बाएं हाथ की स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राजेश्वरी की सटीक लाइन-लेंथ और विकेट लेने की क्षमता टीम की बड़ी ताकत रही है। विमेंस वर्ल्ड कप 2017 में उनका प्रदर्शन विशेष रूप से सराहा गया।
1 जून 1991 को कर्नाटक के बीजापुर में जन्मीं राजेश्वरी के पिता शिवानंद एक शिक्षक थे। राजेश्वरी को जैवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो और वॉलीबॉल जैसे खेल पसंद थे, लेकिन पिता के कहने पर उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया।
हालांकि, 5 बच्चों के परिवार में पिता के लिए क्रिकेट जैसे महंगे खेल का खर्च उठाना बेहद मुश्किल था, लेकिन शिवानंद गायकवाड़ ने हार नहीं मानी। महज 16 साल की उम्र में राजेश्वरी ने अपनी छोटी बहन रामेश्वरी के साथ क्रिकेट ट्रायल में हिस्सा लिया, जहां सभी को प्रभावित किया। इसके बाद अंडर-19 क्रिकेट में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया।