महज 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर दुनिया की निगाहें हैं। भारत और जिम्बाब्वे के बीच गुरुवार से तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज हरारे में खेली जाएगी, जिसमें अंडर-19 सर्किट से सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले किशोर सूर्यवंशी के सामने खुद को साबित करने का मौका होगा।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में सूर्यवंशी नाबाद 175 रन बनाकर भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल का खिताब जिता चुके हैं। ये वही मैदान है, जहां जिम्बाब्वे के लंबे और तेज गेंदबाजों जैसे ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगारवा को सीम मूवमेंट और उछाल मिलती रही है। ये गेंदबाज शॉर्ट-पिच बॉलिंग से उनके हौसले की परीक्षा लेने के लिए तैयार हैं—ठीक वैसे ही जैसे जोफ्रा आर्चर ने किया था।
हालांकि, भारत के पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह का मानना है कि भले ही विरोधी टीमें इस किशोर बल्लेबाज की कमजोरियों को बारीकी से देखें और उन पर निशाना साधें, लेकिन सूर्यवंशी में स्वाभाविक प्रतिभा, कड़ी मेहनत करने की आदत और ऐसा सपोर्ट सिस्टम है जिससे वह हालात के हिसाब से खुद को ढाल सकते हैं और इंग्लैंड में अपने पहले तीन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बनाए गए कुल 42 रनों के मामूली स्कोर से आगे बढ़ सकते हैं।