इंग्लैंड के खिलाफ भारत के निराशाजनक टी20 अभियान के बाद टीम इंडिया के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर संतुलित और धैर्यपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों के शुरुआती संघर्ष को केवल तकनीकी खामियों के नजरिए से नहीं देखना चाहिए, बल्कि उनकी मानसिक स्थिति और आत्मविश्वास को भी उतना ही महत्व दिया जाना चाहिए।
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले वैभव सूर्यवंशी से आईपीएल जैसी बल्लेबाजी की उम्मीद थी, लेकिन उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। तीन मैचों में की तीन पारियों में वह एक भी बड़ा स्कोर नहीं बना सके। इसके बाद उनकी तकनीकी क्षमता पर सवाल उठे।
अभिषेक नायर ने कहा कि युवा खिलाड़ी को आलोचना या तकनीकी सलाहों से घेरने के बजाय उसकी मानसिक स्थिति को समझना अधिक जरूरी है। जियोस्टार पर नायर ने कहा कि सबसे पहले यह समझना चाहिए कि खिलाड़ी खुद कैसा महसूस कर रहा है। एक युवा क्रिकेटर पहले से ही कई तरह की भावनात्मक उलझनों से गुजरता है। कुछ मैच पहले तक उसकी बल्लेबाजी की हर ओर तारीफ हो रही होती है और अचानक खराब प्रदर्शन के बाद वही खिलाड़ी आलोचना का केंद्र बन जाता है। ऐसे बदलाव को संभालना आसान नहीं होता।