भारत में बिलियर्ड्स के खेल का जब जिक्र किया जाता है तो हर किसी की जुबान पर सबसे पहले पंकज आडवाणी का नाम आता है। हालांकि, इस खेल को भारत में पहचान दिलाने वाले खिलाड़ी विल्सन जोन्स रहे। उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।
विल्सन जोन्स को शुरुआत से ही खेलों से खास लगाव था। वह हॉकी और क्रिकेट खेलने के साथ-साथ कंचे खेलने में भी काफी माहिर थे। वह खिड़की से अपने अंकल को बिलियर्ड्स का खेल खेलते हुए देखा करते थे और धीरे-धीरे उनकी इस खेल में दिलचस्पी बढ़ने लगी। 17 साल की उम्र में विल्सन ने बिलियर्ड्स खेलना शुरू किया और इस खेल में रमते चले गए। विल्सन दिन के समय में फैक्ट्री में काम किया करते थे और शाम में बिलियर्ड्स खेलते थे।
साल 1949 में विल्सन पहली बार नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लेना पहुंचे, लेकिन तब उन्हें टी.जे सेल्वाराज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, वह ठीक एक साल बाद यानी 1950 में नेशनल चैंपियन बने। उन्होंने सेल्वाराज को ही शिकस्त देकर इस खिताब को अपने नाम किया। वह अपने करियर में 12 बार नेशनल चैंपियन बने।