जम्मू और कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, 67 साल में पहली बार हुआ ऐसा
जम्मू और कश्मीर ने कल्याणी के बंगाल क्रिकेट अकेडमी ग्राउंड में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में बंगाल को 6 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। बता दें कि जम्मू और कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में अपनी जगह बनाई है।
जम्मू और कश्मीर पहली बार 1959–60 रणजी ट्रॉफी…
जम्मू और कश्मीर ने कल्याणी के बंगाल क्रिकेट अकेडमी ग्राउंड में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में बंगाल को 6 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। बता दें कि जम्मू और कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में अपनी जगह बनाई है।
जम्मू और कश्मीर पहली बार 1959–60 रणजी ट्रॉफी के सीजन में खेली थी और 335 मैच 67 साल के बाद पहली बार फाइनल में पहुंची है।
जम्मू और कश्मीर को जीत के लिए 126 रनों का लक्ष्य मिला था। जिसे टीम ने 34.4 ओवर में 4 विकेट गवाकर हासिल किया। वंशज शर्मा ने 83 गेंदों में नाबाद 43 रन और अब्दुल समद ने 27 गेंदों में नाबाद 30 रन की पारी खेली।
पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए थे। इसके जवाब में जम्मू और कश्मीर 302 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में मिली 26 रन की बढ़त के बाद बंगाल की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 99 रन पर ढेर हो गई थी।
J&K enter their first ever #RanjiTrophy final after 335 matches and 67 years. Their captain, Paras Dogra, will play his first final after 25 years and 146 matches.
— Lalith Kalidas (@lal__kal) February 18, 2026