एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रिकर्व टीम इवेंट में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता। इस टीम का हिस्सा कीर्ति शर्मा भी रहीं, जिन्होंने फाइनल में टीम संग मिलकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। कीर्ति का अपने घर जींद लौटने पर जोरदार स्वागत हुआ।
कीर्ति ने 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए कहा कि कोरिया के 44 वर्षों के दबदबे को खत्म करके उन्हें बहुत अच्छा लगा। कीर्ति ने कहा, "मैं सात साल की उम्र से तीरंदाजी कर रही हूं। मेरा सपना था एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल लेकर आना। हमने कोरिया के सामने बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हुए उनके 48 वर्षों के दबदबे को खत्म किया, जिसकी हमें बहुत खुशी है।" एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट कीर्ति ने अपने पैतृक गांव रितोली पहुंचने के तुरंत बाद गांव के दादा खेड़ा मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
भारतीय तीरंदाज ने अपने परिवार के योगदान को लेकर बात करते हुए कहा, "मुझे घरवालों ने कभी बताया नहीं कि उन्होंने पैसे कहां से लगाए हैं। हमारा परिवार आर्थिक तौर पर बहुत मजबूत नहीं है लेकिन मेरे परिवार ने मेरे लिए बहुत कुछ किया, जिसके चलते आज मैं यहां पर हूं।" उन्होंने बताया तीरंदाजी का बचपन से उन्हें शौक नहीं था बल्कि उन्होंने स्कूल में जब इस खेल को देखा तो इस खेल में दिलचस्पी बढ़ी। कीर्ति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया। कीर्ति ने कहा कि उनका सपना ओलंपिक में अब देश के लिए मेडल लेकर आना है।