भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा है कि केरलम को कभी देश में 'खेलों की नर्सरी' माना जाता था, लेकिन राज्य खेल के क्षेत्र में अपनी पुरानी पहचान खोता हुआ दिख रहा है। पीटी उषा ने कहा कि केरलम में खेल की विकास में बाधा का कारण खेल संरचना की कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी है।
पत्रकारों से बातचीत में पीटी उषा ने कहा, "जब वह सक्रिय खिलाड़ी थीं, तब केरल देश के खेल मानचित्र पर अग्रणी राज्यों में शामिल था और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अक्सर पहले या दूसरे स्थान पर रहता था। अब स्थिति बदल गई है और एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में राज्य की रैंकिंग काफी नीचे पहुंच गई है। केरलम का 10वें या 11वें स्थान पर पहुंच जाना निराशाजनक है, क्योंकि राज्य ने भारतीय खेलों को मजबूत आधार प्रदान किया है।"
उन्होंने केरलम में खेल सुविधाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कई परियोजनाएं तकनीकी कारणों और मंजूरी संबंधी प्रक्रियाओं में फंस जाती हैं। त्रिशूर जैसे जिले ने देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और एथलीट दिए हैं, लेकिन वहां आज भी 400 मीटर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अधिकारियों से चर्चा की है और प्रधानमंत्री से भी सहयोग मांगा है।