भारत में बैडमिंटन को लोकप्रिय बनाने और इस खेल में देश की अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने में जिन खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही है, उनमें प्रकाश पादुकोण का नाम प्रमुख है। प्रकाश की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1980 में वह दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी थे।
प्रकाश पादुकोण का जन्म बेंगलुरु में 10 जून 1955 को हुआ था। प्रकाश को बैडमिंटन के क्षेत्र में लाने में उनके पिता रमेश पादुकोण का अहम रोल रहा था। रमेश पादुकोण लंबे समय तक मैसूर बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव रहे थे और उन्हीं की प्रेरणा से प्रकाश इस खेल में आए।
1962 में पादुकोण अपना पहला आधिकारिक टूर्नामेंट कर्नाटक स्टेट जूनियर चैंपियनशिप खेले थे। अपने पहले टूर्नामेंट में उन्हें निराशा हाथ लगी थी, लेकिन इसके बाद वे स्टेट जूनियर टाइटल जीतने में कामयाब रहे। 1972 में उन्होंने इंडियन नेशनल जूनियर खिताब जीता और उसी साल सीनियर खिताब भी जीता। प्रकाश ने अगले सात सालों तक लगातार नेशनल टाइटल जीता।