छत्तीसगढ़ में आयोजित हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण का शुक्रवार को समापन हो गया। टूर्नामेंट के समापन समारोह में भारत की दिग्गज महिला बॉक्सर मैरी कॉम और पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी बाईचुंग भूटिया पहुंचे। मैरी कॉम ने कहा कि इस खेलों की मदद से आदिवासी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी।
बाईचुंग भूटिया ने कहा कि आदिवासी खिलाड़ियों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और इन खेलों की मदद से उन्हें अपनी काबिलियत को साबित करने का सुनहरा मौका मिलेगा। उन्होंने 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए कहा, "भारत में आदिवासियों को बहुत ही खेल प्रेमी माना जाता है। यह साबित हो चुका है कि कई आदिवासियों ने ओलंपिक से लेकर विश्व चैंपियनशिप तक में भारत के लिए पदक जीते हैं। इस कारण से मेरा मानना है कि आदिवासी क्षेत्रों में बहुत बड़ी प्रतिभा छिपी हुई है और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के जरिए उन्हें अपने टैलेंट को दिखाने का अवसर मिलेगा।"
वहीं, मैरी कॉम ने टूर्नामेंट में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की तारीफ की, जबकि खाली हाथ लौटने वाले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा, "सबसे पहले मैं छत्तीसगढ़ सरकार को 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' में मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद देना चाहूंगी। मुझे आदिवासियों के मूल्य सचमुच बहुत पसंद आए। छत्तसीगढ़ सरकार ने खिलाड़ियों को यह जो मंच दिया है उससे काफी फायदा होगा। इस इवेंट में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे का रास्ता खुल गया है।"