भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज को जितनी कामयाबी टेस्ट फॉर्मैट में मिली है शायद ही उन्हें वनडे या टेस्ट में मिली है और यही कारण है कि शायद उन्हें छोटे फॉर्मैट्स में इतने मौके भी नहीं दिए जा रहे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भी सिराज टीम का हिस्सा नहीं हैं और यही कारण है कि फैंस को लग रहा है कि क्या सिराज सिर्फ एक फॉर्मैट के प्लेयर बन कर रह जाएंगे?
इसी सवाल का जवाब देने की कोशिश कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने की है। आकाश का भी मानना है कि मोहम्मद सिराज को उनके करियर की शुरुआत में ही वन-फॉर्मेट प्लेयर का लेबल दे दिया गया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और फिर गुजरात टाइटन्स के लिए लगातार अच्छी गेंदबाज़ी करने के बाद, सिराज को 2026 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की टीम में चुना गया और उन्हें जो भी थोड़े-बहुत मौके मिले, उनमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
हालांकि, अब ऐसा लगता है कि टीम इंडिया छोटे फॉर्मैट्स में सिराज से काफी आगे बढ़ चुकी है। एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में चोपड़ा ने कहा, "हमने बहुत जल्दी उन्हें 'वन-फॉर्मेट प्लेयर' का लेबल दे दिया। जल्दबाजी में ये तय कर लिया गया कि वो पुरानी गेंद से गेंदबाज़ी नहीं कर सकते और उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाना चाहिए। वो लंबे समय तक टीम से बाहर रहे, लेकिन उनकी किस्मत बदली और उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप के लिए चुना गया, जहां उन्होंने अपने पहले ही मैच में तीन विकेट लिए और अब वो फिर से टी-20 टीम में जगह बनाने की दौड़ में शामिल हो गए हैं।"
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आगे बोलते हुए चोपड़ा ने कहा, "ये सही नहीं था। एक समय ऐसा था जब मुझे सच में लगा कि ये सही नहीं है। आपने उन्हें सभी टेस्ट मैचों में खिलाया, जहां हर खिलाड़ी को वर्कलोड मैनेजमेंट की ज़रूरत होती है, लेकिन आपने उनके बारे में नहीं सोचा। फिर, अचानक एक दिन आपने कहा कि वो अब वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं और फिर उन्हें टी-20I से भी हटा दिया गया। ये सही नहीं था। वो चैंपियंस ट्रॉफी टीम में नहीं थे। मुझे लगा कि ये गलत था। उनका नाम टीम में होना चाहिए था। हो सकता है कि टी-20I के लिए आपकी बात समझी जा सके, लेकिन वनडे में उनका नाम ज़रूर होना चाहिए था।"