इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरसीबी के क्रिकेटर यश दयाल को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यश दयाल पर एक महिला ने शारीरिक और मानसिक शोषण का आरोप लगाया है। क्रिकेटर पर शादी का झांसा देकर पांच साल तक एक महिला का कथित तौर पर शोषण करने का आरोप है।दयाल के खिलाफ हाल ही में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिससे उनकी गिरफ्तारी को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
हालांकि, मंगलवार को न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनिल कुमार की दो सदस्यीय पीठ ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और इस तेज़ गेंदबाज़ को अस्थायी राहत प्रदान की। कार्यवाही के दौरान, पीठ ने शिकायतकर्ता के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। लाइव लॉ के अनुसार, अदालत ने इस रिश्ते की लंबी अवधि पर संदेह व्यक्त करते हुए टिप्पणी की, "आपको एक दिन, दो दिन, तीन दिन तक बेवकूफ़ बनाया जा सकता था लेकिन पांच साल। आप पांच साल के लिए रिश्ते में हैं किसी को पांच साल तक बेवकूफ़ नहीं बनाया जा सकता।"
ये मामला न्यायिक समीक्षा के अधीन है, दयाल को तत्काल हिरासत से मुक्त रखा गया है क्योंकि अदालत आरोपों के गुण-दोष पर विचार कर रही है। अगली सुनवाई की तारीख का इंतज़ार है। इंडियन प्रीमियर लीग में आरसीबी के लिए तेज़ गेंदबाज़ के रूप में खेलने वाले यश दयाल को अब मैदान के बाहर गंभीर जांच का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि आगे इस मामले में क्या होता है।
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वहीं, दयाल ने अपनी याचिका में, महिला के साथ किसी भी तरह के शारीरिक संबंध होने से इनकार किया है। दयाल ने प्रयागराज पुलिस में एफआईआर दर्ज कराते हुए जवाबी शिकायत दर्ज कराई है। दयाल ने आरोप लगाया है कि महिला ने उनका आईफोन और लैपटॉप चुरा लिया और उन्हें गलत जानकारी देकर उनसे पैसे उधार लिए। रिपोर्ट के अनुसार याचिका में कहा गया है, "एफआईआर के अनुसार, पीड़िता ने स्वीकार किया है कि याचिकाकर्ता के माता-पिता ने उसके साथ बहू जैसा व्यवहार किया, जिसका अर्थ है कि याचिकाकर्ता का इरादा उसे धोखा देने का कभी नहीं था। हालांकि, समय के साथ पीड़िता का रवैया बदल गया और याचिकाकर्ता को एहसास हुआ कि वो उससे शादी नहीं कर पाएगा। इसलिए, उसने रिश्ता खत्म करने का फैसला किया।"