भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम की हार के बाद अपना सख्त रुख दिखाते हुए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के लिए नए नियम जारी कर दिए हैं। बीसीसीआई ने अपने 10-सूत्रीय अनुशासनात्मक दिशा-निर्देशों में पारिवारिक यात्रा, सामान की सीमा और व्यक्तिगत विज्ञापन शूट से संबंधित सख्त नियम पेश किए हैं।

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जनवरी में सीरीज के खत्म होने पर बीसीसीआई द्वारा आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान, सूत्रों ने कहा कि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ड्रेसिंग रूम के भीतर सामंजस्यपूर्ण माहौल और अनुशासन की कमी पर अपनी निराशा व्यक्त की। ये भी पता चला कि ऑस्ट्रेलिया के अपने लगभग दो महीने लंबे दौरे के दौरान पूरी टीम सिर्फ़ एक टीम डिनर के लिए इकट्ठी हुई थी। एक ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पर्थ में पहला टेस्ट जीतने के बाद भी भारत के खिलाड़ी एक साथ नहीं घूमे।

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यही कारण रहे कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नई पॉलिसी जारी करनी पड़ी। आइए आपको बताते हैं कि इस पॉलिसी के तहत क्या-क्या बातें खिलाड़ियों को माननी पड़ेंगी।

फैमिली ट्रैवल पॉलिसी

फैमिली ट्रैवल पॉलिसी के तहत, विदेशी दौरों के दौरान 45 दिनों से अधिक समय तक भारत से अनुपस्थित रहने वाले खिलाड़ी अपने साथी और बच्चों (18 वर्ष से कम) के साथ दो सप्ताह की अवधि तक प्रति सीरीज (फॉर्मैट के तहत) एक यात्रा के लिए शामिल हो सकते हैं। बीसीसीआई विजिटर्स की अवधि के दौरान खिलाड़ी के साथ साझा आवास का खर्च उठाएगा। अन्य सभी खर्च खिलाड़ी को वहन करने होंगे। कोच, कप्तान और जीएम संचालन द्वारा तय तिथियों के दौरान एक ही समय पर विजिट शेड्यूल किया जाना चाहिए। इस नीति से किसी भी विचलन को कोच, कप्तान और जीएम संचालन द्वारा पूर्व-अनुमोदित किया जाना चाहिए। विजिटर्स की अवधि के बाहर अतिरिक्त खर्च बीसीसीआई द्वारा वहन नहीं किए जाएंगे।

सीरीज/दौरे के दौरान व्यक्तिगत शूट

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खिलाड़ियों को चल रही सीरीज या दौरे के दौरान व्यक्तिगत शूट या विज्ञापन में शामिल होने की अनुमति नहीं है। इससे ध्यान भटकने से बचा जा सकता है और ये सुनिश्चित होता है कि खिलाड़ियों का ध्यान क्रिकेट और टीम की जिम्मेदारियों पर बना रहे।

अतिरिक्त सामान की सीमा

खिलाड़ियों को टीम के साथ साझा किए जाने वाले निर्दिष्ट सामान की सीमा का पालन करना आवश्यक है। अतिरिक्त सामान की किसी भी लागत को व्यक्तिगत खिलाड़ी को वहन करना होगा। ये नीति रसद को सुव्यवस्थित करने और अनावश्यक खर्चों से बचने में मदद करती है। लंबी अवधि के दौरे (30 दिन से ज़्यादा)

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खिलाड़ी - 5 पीस (3 सूटकेस + 2 किट बैग) या 150 किलोग्राम तक।

सहायक कर्मचारी - 2 पीस (2 बड़े + 1 छोटे सूटकेस) या 80 किलोग्राम तक।

कम अवधि के दौरे (30 दिन से कम)

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खिलाड़ी - 4 पीस (2 सूटकेस + 2 किट बैग) या 120 किलोग्राम तक।

सहायक कर्मचारी - 2 पीस (2 सूटकेस) या 60 किलोग्राम तक।

घरेलू सीरीज़

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खिलाड़ी - 4 पीस (2 सूटकेस + 2 किट बैग) या 120 किलोग्राम तक।

सहायक कर्मचारी - 2 पीस (2 सूटकेस) या 60 किलोग्राम तक।

बीसीसीआई ने कहा कि खिलाड़ियों को दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा, अपवादों के लिए पूर्व-अनुमोदन की आवश्यकता होगी। अनुपालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें बीसीसीआई टूर्नामेंटों से प्रतिबंध या वित्तीय दंड शामिल है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके और भारतीय क्रिकेट को प्राथमिकता दी जा सके।

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सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद घर नहीं जा पाएंगे खिलाड़ी

बीसीसीआई की नई पॉलिसी के मुताबिक, कोई भी खिलाड़ी सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद घर के लिए रवाना नहीं हो पाएगा।

सभी खिलाड़ियों को एक साथ करना होगा ट्रैवल

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बीते कुछ समय में कई बार देखा गया था कि कई स्टार खिलाड़ी टीम के साथ ना जाकर अपने परिवार के साथ ट्रैवल करते थे लेकिन अब नई पॉलिसी के मुताबिक, ऐसा नहीं हो पाएगा और सभी खिलाड़ियों को एक साथ ट्रैवल करना होगा।

लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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