दिसंबर 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 335 रनों के अपने रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के बाद से, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वार्नर टेस्ट क्रिकेट में धमाल नहीं मचा पाए हैं। एडिलेड ओवल में अपनी मैराथन पारी के बाद से टेस्ट क्रिकेट में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज का औसत 37.37 का है, जिसमें 10 मैचों में तीन 50 से अधिक के स्कोर हैं।

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उनके पिछले टेस्ट शतक को दो साल से अधिक का समय हो गया है और अब वक्त आ गया है कि वो टेस्ट क्रिकेट में शतक के इस सूखे को खत्म करें। इससे पहले शतक के लिए वॉर्नर को इतना लंबा इंतज़ार कभी नहीं करना पड़ा है। अगर हाल ही में खत्म हुई एशेज सीरीज में उनके प्रदर्शन पर नज़र डालें तो उन्होंने 34.12 की औसत से 273 रन बनाए।

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वॉर्नर जैसे खिलाड़ी को ऐसे आंकड़े कभी भी शोभा नहीं देते लेकिन वॉर्नर के बीते सालों में खराब प्रदर्शन के लिए उनकी खराब किस्मत भी उतनी ही ज़िम्मेदार है। जी हां, वॉर्नर पिछले कुछ सालों में दुनिया के सबसे बदकिस्मत बल्लेबाज़ साबित हुए हैं। अगर आप सबूत देखना चाहते हैं, तो चलिए वो भी दिखाते हैं।

अक्टूबर 2018 के बाद से, विरोधी टीमों ने वार्नर के कैच और स्टम्पिंग बहुत कम बार छोड़े हैं। जी हां, अक्टूबर 2018 से वॉर्नर ने विरोधी टीमों को फील्डिंग के दौरान 23 मौके दिए, जिनमें से 21 बार विपक्षी टीमों ने कोई गलती नहीं की जबकि सिर्फ 2 बार उनकी किस्मत ने उनका साथ दिया। अगर प्रतिशत की मानें, तो वॉर्नर का बचने का प्रतिशत सिर्फ 8.7 का है जो सबसे कम है।

वॉर्नर के बाद विराट कोहली का नंबर आता है जो दूसरे नंबर पर हैं और उनकी किस्मत ने भी उनका बीते सालों में ज्यादा साथ नहीं दिया है। इस लिहाज़ से वॉर्नर को दुनिया का सबसे बदकिस्मत बल्लेबाज कहा जाए, तो कुछ गलत नहीं होगा।

अक्टूबर 2018 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम जीवनदान पाने वाले बल्लेबाज़ों का प्रतिशत

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8.70 फीसदी - डेविड वॉर्नर

9.09 प्रतिशत - विराट कोहली

9.09 प्रतिशत - दिनेश चांदीमल

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9.52 प्रतिशत - केएल राहुल

10.34 प्रतिशत - क्रेग ब्रैथवेट

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लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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