जॉनी बेयरस्टो (112), सैम बिलिंग्स (57) और अंत में क्रिस वोक्स (नाबाद 53) की बेहतरीन पारियों के दम पर इंग्लैंड ने बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब शुरुआत से उबरते हुए 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 302 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। तीन मैचों की वनडे सीरीज इस समय 1-1 से बराबर है और यह निर्णायक मैच है जिसमें जीत हासिल करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को 303 रन बनाने होंगे।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी लेकिन मिशेल स्टार्क ने उसे वो शुरुआत दी जिसकी मेजबान टीम को उम्मीद नहीं थी। स्टार्क ने पहले ही ओवर की शुरुआती दो गेंदों पर दो विकेट ले इंग्लैंड को भारी दबाव में ला दिया। वनडे क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है तब किसी टीम ने 0 के स्कोर पर 2 विकेट गिरने के बाद किसी टीम ने विरोधी टीम को 300 रनों से ज्यादा का लक्ष्य दिया है।
उन्होंने पहले ओवर की पहली ही गेंद पर जेसन रॉय (0) आउट किया और फिर अगली गेंद पर जोए रूट को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। स्टार्क हैट्रिक पर थे लेकिन इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने ऐसा नहीं होने दिया।
कप्तान ने बेयरस्टो के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े। एडम जाम्पा की गेंद को मिडऑफ के ऊपर से मारने के प्रयास में वो स्टार्क द्वारा लपके गए।
जाम्पा ने जोस बटलर (8) को भी ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। उनके बाद उतरे बिलिंग्स ने फिर बेयरस्टो का साथ दिया और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 114 रनों की साझेदारी की। अर्धशतक पूरा करने के कुछ देर बाद बिलिंग्स 210 के कुल स्कोर पर जाम्पा का तीसरा शिकार बने। 10 रन बाद बेयरस्टो, पैट कमिंस की गेंद पर बोल्ड हो गए। बेयरस्टो ने अपनी शतकीय पारी में 126 गेंदों का सामना कर 12 चौके और दो छक्के लगाए।
दो सेट बल्लेबाजों के जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के पास मौका था कि वह इंग्लैंड को कम स्कोर पर रोके, लेकिन वोक्स ने दूसरे छोर से रन गति चालू रखी। टॉम कुरैन (19), आदिल राशिद (नाबाद 11) ने उनका अच्छा साथ दिया। वोक्स ने अपनी नाबाद पारी में 39 गेंदें खेलीं और छह चौके मारे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए स्टार्क और जाम्पा ने तीन-तीन विकेट लिए। कमिंस ने एक सफलता अर्जित की।