अक्षर पटेल (Axar Patel) के क्रिकेटर बनने की जर्नी काफी रोचक है। आज यह बाएं हाथ का खिलाड़ी इंडियन टीम के लिए एक ऑलराउंडर की भूमिका निभाता है, लेकिन अक्षर हमेशा से ही ऑलराउंडर नहीं बनना चाहते थे। दरअसल, अक्षर बचपन में किसी भी दूसरे बच्चे की तरफ एक बल्लेबाज बनने का मन रखते थे, लेकिन समय के साथ-साथ उनकी रूचि गेंदबाजी में बढ़ी और उन्होंने ऐसा करना शुरू कर दिया। अक्षर ने अपने पुराने दिनों को याद करके यह बताया है कि कैसे वह बचपन में फास्ट बॉलिंग स्पिन डाला करते थे।
अक्षर पटेल ने एक पॉडकास्ट शो पर अपनी मजेदार जर्नी शेयर की। उन्होंने कहा, 'मैं एक बल्लेबाज बनना चाहता था। बचपन में बॉलिंग करना, फील्डिंग करना किसी को भी पसंद नहीं होता। सब को बैटिंग करना पसंद होता है। मैंने भी शुरुआत एक बल्लेबाज के तौर पर ही की थी। मैं नंबर तीन-चार पर खेला करता था, लेकिन फील्डिंग करते समय मैं बोर जाता था क्योंकि ओवर कटते ही नहीं थे। इसलिए मैंने बॉलिंग करना शुरू कर दिया।'
अक्षर ने अपनी मजेदारी कहानी को सुनाते हुए आगे बताया, 'मैं पार्ट टाइम बॉलर था। मैं फास्ट बॉलिंग करता था, लेकिन फिर मेरे कोच ने उसे चेज करवाया। उन्होंने बताया कि मेरा पांव टेढ़ा गिर रहा है जिससे इंजरी हो सकती है। फिर मैंने सोचा मैं स्पिन डालूंगा। तब मैंने स्पिन बॉलिंग शुरू की। मैं 4-5 ओवर करता था और मैं फास्ट बॉलिंग स्पिनर डालता था। बैटर भी सोचता था चार कदम से डाल रहा है स्पिन डालेगा और मैं जोर-जोर से पैर पर मारता था और उसमें मुझे एक-दो विकेट मिल जाते थे। ऐसे मेरी जर्नी शुरू हुई।'
बता दें कि अक्षर पटेल इंडियन टीम के अहम सदस्य बन चुके हैं। रविंद्र जडेजा की गैरमौजदूगी में अक्षर ने टीम में एक ऑलराउंडर की भूमिका निभाई। हालांकि वह फिलहाल रविंद्र जडेजा के बैकअप माने जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अक्षर की इंडियन टीम में अपनी पहचान नहीं है। अक्षर एक टीममैन हैं और इंडियन टीम के लिए अब तक 12 टेस्ट, 52 वनडे और 43 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं।