गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) आज अपना 41वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। बतौर सलामी बल्लेबाजी गौतम गंभीर ने टीम इंडिया के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली। टी-20 वर्ल्ड कप 2007 का फाइनल हो या फिर 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल गौतम गंभीर के बल्ले से निकली 75 और 97 रनों की पारी को शायद ही कोई फैन भूला है। इन दोनों पारियों के अलावा गौतम गंभीर की एक और पारी थी जो उन्हें महान बनाती है।

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इतिहास में अमर हो गई गौतम गंभीर की पारी: न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में साल 2009 में गौतम गंभीर के बल्ले से निकली 137 रनों की पारी इतिहास में अमर हो गई। गौतम गंभीर ने टेस्ट मैच बचाने के लिए टीम इंडिया के लिए ढाई दिन में 643 मिनट बल्लेबाजी की और 436 गेंदे खेलीं। गौतम गंभीर ने ये अंसभव सा दिखने वाला काम कैसे किया इसके पीछे की कहानी खुद गौतम गंभीर ने शेयर की थी।

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लगातार सुनता रहा था भजन: द लल्लनटॉप शो में बातचीत के दौरान गौतम गंभीर ने कहा, 'मैं जब दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए जा रहा था। तब टीम इंडिया को पूरे ढाई दिन बैटिंग करनी थी। उस वक्त ड्रेसिंग रूम में एक भजन चल रहा था। मैं पैड कर रहा था बैटिंग पर जाने के लिए। आप विश्वास नहीं करेंगे वो भजन जब मैं फिर से लंच में गया तब सुना। चाय के बाद जब वापस आया तब सुना। इसके बाद पूरी रात सुना। चौथे दिन के खेल की सुबह सुना.. ये सिलसिला पांचो दिन तक चलता रहा।'

2 घंटे तक नहीं बोला था मुंह से एक शब्द: गौतम गंभीर ने कहा, 'दरअसल उस भजन से मैं उस जोन में बार-बार चला जाता था जहां पर मेरा जाना जरूरी था। ऐसे भी सेशन थे जहां मैंने 2 घंटे बैटिंग करके सिर्फ 1 रन बनाए। मैं वीवीएस लक्ष्मण के साथ बैटिंग कर रहा था और जब चौथे दिन के वक्त हम चाय पर वापस जा रहे थे तब वीवीएस ने मुझसे कहा कि क्या आपको एहसास है कि आपने 2 घंटे तक मुंह से एक शब्द तक नहीं बोला है।'

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पता चला इंसान के दिमाम की ताकत: इस भजन की वजह से मुझे ये एहसास हुआ कि इंसान का दिमाम वो-वो चीज कर सकता है जिसकी कोई कल्पना तक नहीं कर सकता। ये काफी दिलचस्प कहानी है क्योंकि इस पारी के पहले लोग कहते थे कि ये 1 दिन भी बैटिंग नहीं कर सकता है। मैं कोशिश करता हूं बार-बार उस जोन में जाने की लेकिन अब वो इतना आसान नहीं है।

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भरोसा था ढाई दिन बैटिंग कर सकता हूं: अगर आप उस जोन में बार-बार जा पाते तो यकीन मानें आप 25 हजार रन बनाए होते। मुझे याद है कि मेरे एक दोस्त ने उस वक्त इंडिया से मुझे फोन किया था और कहा था कि ये टेस्ट मैच तो आप हार गए। तब मैंने उससे बोला पता नहीं लेकिन,मुझे स्ट्रांग फीलिंग है कि मैं ढाई दिन बैटिंग करूंगा। उसने मुझसे बोला भाई ये हो ही नहीं सकता। वो भजन हनुमान चालीसा था जो मैं सुन रहा था।

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लेखक के बारे में

Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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