नई दिल्ली, 20 अक्टूब (हि.स.)। भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम में सलामी बल्लेबाज की भूमिका में नजर आ रहे अजिंक्य रहाणे ने कहा कि उनका ध्यान मुख्य रूप से अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने पर टिका है। रहाणे ने कहा कि मैंने महसूस किया कि अगर पारी की शुरुआत करते हुए मैंने बड़ा स्कोर बनाया तो इससे टीम को मदद ही मिलेगी। मैं अपने प्रदर्शन में और निरंतरता चाहता हूं।
उन्होंने कहा, इस निरंतरता के लिए मेरा ध्यान उस लय को बरकरार रखने पर है जो मैं 30 या 40 रन बनाने तक बनाए रखता हूं। बल्लेबाजी क्रम में पारी की शुरुआत करना अहम स्थान है क्योंकि लक्ष्य का पीछा करने के दौरान या लक्ष्य देने के दौरान सलामी बल्लेबाज ही मंच तैयार करते हैं।
रहाणे ने बीसीसीआई.टीवी को दिये साक्षात्कार में कहा कि अपने खेल के निश्चित हिस्सों में सुधार के लिए मैंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और अभ्यास सत्र और मैचों के दौरान काफी कुछ सीखा। पिछले दौरों से अब तक मैंने महसूस किया है कि प्रदर्शन में निरंतरता महत्वपूर्ण चीज है। मैंने टीम को अधिकतर अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन इसे बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहा।
फिलहाल भारतीय टीम में सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए काफी प्रतिस्पर्धा है और रहाणे ने कहा कि टीम में किसी स्थान के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का स्वागत है। उन्होंने कहा, जब आप अपने देश के लिए खेल रहे हो तो स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हमेशा अच्छी होती है। आपको इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करना होता है विशेषकर इस स्तर पर जब आप कड़ा क्रिकेट खेल रहे हो।
हिन्दुस्थान समाचार/सुनील/गोविन्द