टेस्ट में लगातार हार के बाद शुभमन गिल ने बनाया मास्टर प्लान, क्या BCCI का मिलेगा साथ?
पिछले एक साल में भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट प्रदर्शन में काफी गिरावट देखने को मिला है और इतना ही नहीं भारत का अपने घर पर ही स्वामित्व खत्म होता हुआ नजर आया। टीम इंडिया को अपनी ही धरती पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में 0-2 से मिली हार ने तो देशवासियों को झकझोर कर ही रख दिया और यही कारण है कि अब टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई आत्ममंथन पर मजबूर हो गया है।
पिछले 13 महीनों में भारत को होम ग्राउंड पर दो बार टेस्ट सीरीज़ में क्लीन स्वीप झेलना पड़ा है, जिसके बाद बोर्ड और चयनकर्ताओं के बीच कई अनौपचारिक बैठकें हुई हैं।इसी बीच खबर सामने आई है कि भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने बोर्ड के सामने एक अहम सुझाव रखा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक गिल का मानना है कि किसी भी टेस्ट सीरीज़ से पहले टीम को कम से कम 15 दिन का विशेष रेड-बॉल तैयारी कैंप मिलना चाहिए।
एक बीसीसीआई सूत्र के हवाले से बताया गया है कि गिल इस बात को लेकर बेहद स्पष्ट थे कि मौजूदा शेड्यूल में टीम को पर्याप्त तैयारी का समय नहीं मिल पा रहा है, जिसका असर मैदान पर साफ दिख रहा है। सूत्र के अनुसार, इस सीज़न में व्यस्त इंटरनेशनल कैलेंडर के कारण खिलाड़ी अलग-अलग टूर्नामेंट और सीरीज़ में उलझे रहे। हाल ही में भारत एशिया कप जीतने के महज चार दिन बाद घरेलू टेस्ट सीरीज़ खेलने उतर गया था।
इसी तरह वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट से पहले खिलाड़ी दुबई से सीधे लौटे थे और उनके पास अभ्यास के लिए बेहद सीमित समय था। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट से ठीक चार दिन पहले ही गिल और अन्य टेस्ट स्पेशलिस्ट खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के व्हाइट-बॉल दौरे से भारत लौटे थे। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई अब शुभमन गिल को टीम की दीर्घकालिक योजना बनाने में अधिक जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है।
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बोर्ड के एक करीबी सूत्र ने बताया कि गिल अब आत्मविश्वास के साथ अपना विजन चयनकर्ताओं और बोर्ड के सामने रख रहे हैं। रोहित शर्मा के बाद भारतीय क्रिकेट को एक मजबूत नेतृत्व की ज़रूरत होगी और टेस्ट व वनडे फॉर्मेट में गिल को भविष्य का कप्तान माना जा रहा है। हालांकि इस 15 दिन के रेड-बॉल कैंप प्लान को लागू करना आसान नहीं होगा। टीम इंडिया का कैलेंडर बेहद व्यस्त है और कई बार टेस्ट सीरीज़ से पहले व्हाइट-बॉल मुकाबले चलते रहते हैं। ऐसे हालात में बीसीसीआई बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की सुविधाओं और कोचिंग स्टाफ का सहारा ले सकता है।