न्यूज़ीलैंड के एक क्रिकेटर, इंग्लैंड क्रिकेट टीम के हेड कोच हैं।

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अब एक ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर को इंग्लैंड ने सेलेक्टर बनाया है और इस रोल में काम करने वाले वे पहले गैर-अंग्रेज हैं। जो खास काम उन्हें सौंपा है, वह है अगले एशेज के लिए इंग्लैंड की सही टीम चुनना।

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ये हैं 46 साल के मार्कस नॉर्थ जो ऑस्ट्रेलिया के लिए 21 टेस्ट खेले हैं और इंग्लैंड में सेलेक्टर की खाली जगह की रेस में थे। इंग्लैंड ने पूर्व क्रिकेटर स्टीवन फिन और डैरेन गॉफ को न चुनकर, उन्हें सेलेक्टर बना दिया।

मार्कस नॉर्थ, इंग्लिश क्रिकेट के लिए नए नहीं हैं। 2000 में गेटेडहेड फैल क्रिकेट क्लब के लिए खेले और नॉर्थ ईस्ट में रहते थे (वहां उनकी मुलाकात अपनी इंग्लिश पत्नी से हुई थी)। इसके अतिरिक्त, डरहम सहित कुल 6 काउंटी क्रिकेट क्लब (अन्य: लेंकशायर, डर्बीशायर, ग्लूस्टरशायर, हैम्पशायर और ग्लैमर्गन) के लिए खेले। अक्टूबर 2018 से डरहम के क्रिकेट डायरेक्टर हैं। इस अनुभव से सेलेक्टर की पोस्ट के लिए उनका दावा बड़ा मजबूत हो गया था और वे इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स में से एक थे। चार साल पहले भी, ईसीबी के पुरुष क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर के रोल के लिए इंटरव्यू दिया था लेकिन तब चुने नहीं गए थे। तब रॉब की को चुना था और अब नार्थ उन्हीं के साथ मिलकर काम करेंगे।

अपना खेल करियर खत्म होने के बाद, वे नॉर्थ ईस्ट में साउथ नॉर्थंबरलैंड क्रिकेट क्लब के क्रिकेट डायरेक्टर बन गए और फिर उन्हें डरहम में क्रिकेट डायरेक्टर अपॉइंट किया गया। यहां पुरुष और महिला दोनों टीम की क्रिकेट का काम देखा। संयोग से इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स, डरहम के लिए ही खेलते हैं और नॉर्थ ने स्टोक्स के साथ मिलकर काम करते हुए, नए खिलाड़ियों के डेवलपमेंट पर बड़ी मेहनत की।

सेलेक्शन पैनल में जगह, इस साल फरवरी में टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के साधारण प्रदर्शन के बाद, ल्यूक राइट के नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए, इस्तीफा देने से, बनी थी। डरहम के क्रिकेट डायरेक्टर नार्थ ने इंग्लिश क्रिकेट की बेहतरी के लिए जो ब्ल्यू प्रिंट, पेनल को दिखाया, उस विज़न से इंटरव्यू पैनल बड़ा प्रभावित हुआ था। ल्यूक राइट इस पैनल में सेलेक्टर थे जबकि मार्कस नॉर्थ को पैनल में एक सीनियर की पोस्ट देंगे।

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जल्दी इतनी है कि नार्थ, डरहम के साथ 6 महीने का नोटिस पीरियड भी पूरा नहीं कर रहे और उन्हें तो 4 जून से न्यूजीलैंड के विरुद्ध शुरू होने वाले पहले टेस्ट की टीम चुनने के लिए दूसरे सेलेक्टर्स के साथ मीटिंग के लिए बुला लिया है।

इंग्लिश नेशनल सेलेक्टर पैनल में इस समय इंग्लैंड के क्रिकेट डायरेक्टर रॉब की, हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम, कप्तान (बेन स्टोक्स या हैरी ब्रूक में से कोई एक) और ईसीबी के एलीट परफॉर्मेंस और टैलेंट आइडेंटिफिकेशन के हेड शामिल हैं।

वैसे नॉर्थ ने इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान हैरी ब्रूक के साथ भी काम किया है। जब हंड्रेड टूर्नामेंट शुरू हुआ था तो यॉर्कशायर और डरहम मिलकर लीड्स-बेस्ड फ्रेंचाइजी चलाते थे और नॉर्थ को इस नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स (जिसे अब SRH के इन्वेस्टमेंट के बाद सनराइजर्स लीड्स के नाम दे दिया है) में क्रिकेट डायरेक्टर बनाए गए थे। ब्रूक इसी टीम के लिए खेलते थे। इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ को सुपरचार्जर्स का हेड कोच बनाया था। अब यही फ्लिंटॉफ इंग्लैंड लायंस के हेड कोच के तौर पर खिलाड़ियों की सीनियर क्रिकेट प्रोग्रेस से जुड़े हुए हैं।

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वैसे रिकॉर्ड ये है कि मार्कस नॉर्थ, इंग्लैंड के सेलेक्टर के तौर पर काम करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन ऐसे पहले जिन्हें देश की टीम चुनने के लिए अपॉइंट किया है। असल में, वह तो ऐसे पहले हैं जो इंग्लैंड के नहीं और उन्हें नेशनल टीम चुनने का काम सौंपा है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर रॉड मार्श ने 2003-2005 तक इंग्लैंड के सेलेक्टर के तौर पर काम किया क्योंकि तब वे नेशनल क्रिकेट एकेडमी के डायरेक्टर थे और इस नाते सेलेक्शन कमेटी का हिस्सा बन गए।

इस पूरे किस्से के दौरान, स्टीवन फिन (जो मिडिलसेक्स में ब्रैंडन मैकुलम के साथ खेले थे) सेलेक्शन कमेटी में आने के सबसे जोरदार दावेदार थे, लेकिन नॉर्थ का क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन का अनुभव और काउंटी क्रिकेट से उनका सीधे जुड़ाव आखिर में बाजी मार गया। फिन ब्रॉडकास्टिंग में हैं और BBC के लिए काम करते हैं। नॉर्थ काउंटी क्रिकेट को गहराई से जानते हैं। वहां तो कहते हैं कि इंग्लैंड के अपने अनुभव की वजह से, वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे ज़्यादा इंग्लिश लोगों में से एक हैं।

अब नॉर्थ के लिए सबसे जरूरी काम है 2029-30 के अगले एशेज टूर के लिए अभी से सही प्लानिंग करना और शायद इसी जिम्मेदारी की वजह से वे और दूसरे कैंडिडेट्स से आगे निकल गए।

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मार्कस नॉर्थ ने 2009 और 2010 के बीच ऑस्ट्रेलिया के लिए 21 टेस्ट खेले, जिसमें दो एशेज सीरीज़ शामिल हैं। उन्होंने 5 सेंचुरी बनाई, जिसमें एक बेहतरीन 100 हेडिंग्ले में एशेज में था (तब बर्मिंघम और लीड्स में लगातार 96 और 110 के स्कोर बनाए) और कार्डिफ़ में ड्रॉ रहे पहले टेस्ट में एक (125*) शामिल हैं। उन्होंने अपने 21 टेस्ट में 35.48 का औसत दर्ज किया।

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Charanpal Singh Sobti
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