भारतीय दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) के इंटरनेशनल करियर को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। 35 साल के इस अनुभवी तेज गेंदबाज को करीब 17 महीने से भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है और अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेलेक्टर्स भविष्य के लिए युवा तेज गेंदबाजों पर ज्यादा भरोसा करने की तैयारी में हैं।
मोहम्मद शमी ने आखिरी बार भारत के लिए 9 मार्च 2025 को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला था। इसके बाद से वह भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बने हैं। टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट का रुख किया और रणजी ट्रॉफी में अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया। उन्होंने इस दौरान 37 विकेट भी अपने नाम किए।
इसके अलावा शमी ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भी अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करने की कोशिश की है। इसके बावजूद उन्हें हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए घोषित भारत की टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली। इसके बाद उनके इंटरनेशनल करियर को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
दरअसल, Sportstar की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेलेक्टर्स ने भविष्य की तेज गेंदबाजी को लेकर करीब 15 युवा पेसरों का एक पूल तैयार किया है। इन खिलाड़ियों को अलग-अलग फॉर्मेट में आजमाने की तैयारी है, ताकि आने वाले वर्षों के लिए टीम इंडिया के पेस अटैक की मजबूत नींव तैयार की जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक शमी इस पूल का हिस्सा नहीं हैं।
हाल के समय में अशोक शर्मा, गुरनूर बरार, मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे युवा तेज गेंदबाजों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। वहीं रासिख सलाम डार और कार्तिक त्यागी ने भी IPL 2026 में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी दावेदारी मजबूत की है। ऐसे में इन खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट में आजमाने की तैयारी की जा रही है।
भारतीय तेज गेंदबाजी में फिलहाल जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को प्रमुख विकल्प माना जा रहा है। अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा भी टीम के साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सेलेक्टर्स आने वाले समय में इसी युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।
Also Read: LIVE Cricket Score
शमी के अलावा अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार भी टीम इंडिया में वापसी की दावेदारी पेश कर रहे हैं। IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए उनके शानदार प्रदर्शन ने उनकी उम्मीदें बढ़ाई हैं। हालांकि, मौजूदा चयन समिति का फोकस अगर युवाओं पर ही रहता है तो शमी और भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाजों के लिए टीम इंडिया में वापसी करना मुश्किल हो सकता है।