लंदन, 13 अगस्त | मैर्लेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में न्यूट्रल अंपायरों का विकल्प अभी भी सर्वश्रेष्ठ है। आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच बर्मिघम में खेले गए एशेज सीरीज के पहले टेस्ट मैच में जोएल विल्सन और अलीम दार की अंपायरिंग विवादों में आ गई थी।

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 क्रिकेट जगत में इन दोनों की काफी आलोचना हुई थी।  विल्सन ने अपने सिर्फ 13वें टेस्ट मैच में रिकार्ड की बराबरी कर ली थी। उनके द्वारा दिए गए आठ फैसले रिव्यू में पलटे गए थे। 

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क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने एमसीसी के सहायक सचिव जॉन स्टीफनसन के हवाले से लिखा है, "पिछले मैच के बाद निश्चित तौर यह चीज सभी की नजरों पर रहीं। रिकी पोटिंग ने एक बार फिर नॉन न्यूट्रल अंपायरों की वकालत की थी। इस बात पर आईसीसी की क्रिकेट समिति में भी चर्चा हुई। लेकिन अभी भी तटस्था की भावना काम करेगी।"

उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर हमें लगता है कि न्यूट्रल अंपायर रखना काम करेगा। लेकिन डीआरएस और तकनीक के रहते भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।"

उन्होंने कहा, "वनडे में हम एक न्यूट्रल और एक मेजबान देश का अंपायर रखते हैं। टी-20 में भी हम यही करते हैं। हो सकता है कि भविष्य में इस तरह की चीजें टेस्ट में भी हों।"

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Vishal Bhagat
Vishal Bhagat - A cricket lover, Vishal is covering cricket for the last 5 years and has worked with the Dainik Bhaskar group in the past. He keeps a sharp eye on the record being made in the cricket world and takes no time to present it to the viewers in the form of articles. Read More
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