नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)| भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चयन समिति के अध्यक्ष ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम घोषित करते हुए कहा था कि महेंद्र सिंह धोनी को आराम दिया गया है, इसलिए अजिंक्य रहाणे को कप्तान बनाए जाने पर किसी प्रकार की अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए।

इसके बावजूद पाटिल का यह दावा चर्चा और बहस के लिए खुला हुआ है। यह बहुत आम चलन है कि जब आप किसी नियमित कप्तान को आराम देते हैं तो किसी ऐसे खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी दी जाती है जो इस मामले में अनुभवी या टीम का वरिष्ठ सदस्य हो।

पूर्व के अनुभवों को देखें तो गौतम गंभीर, सुरेश रैना या विराट कोहली ऐसे ही नाम हैं, जिन्हें विभिन्न मौकों पर वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और श्रीलंका दौरों पर टीम इंडिया की कमान सौंपी गई।

तो क्या बांग्लादेश में धौनी और कोहली के बीच बयानों की जंग को देखते हुए भारतीय चयनकर्ताओं ने दोनों खिलाड़ियों को किसी प्रकार का अप्रत्यक्ष संदेश देने की कोशिश की है। रहाणे का चयन क्या इसी का एक प्रमाण है।

रहाणे को जिस प्रकार वनडे टीम की कमान सौंपी गई वह यह भी दर्शाता है कि भारतीय चयनकर्ता पिछले कुछ वर्षो के उनके प्रदर्शन से खुश हैं।

पाटिल ने यहां तक कहा, "वह भारत के लिए निरंतर अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं और हम उनका प्रदर्शन अन्य भूमिकाओं में भी देखना चाहते हैं। इसलिए हमने उन्हें यह मौका दिया।"

पाटिल ने यह भी कहा कि वे रहाणे को समर्थन देना जारी रखेंगे। अब इसके क्या मतलब निकाले जाएं? क्या वह यह कहना चाहते हैं कि अगर धौनी और कोहली उनके अनुसार फिट नहीं बैठे तो रहाणे भविष्य में भारतीय टीम की अगुवाई कर सकते हैं।

भारतीय चयनकर्ताओं के फैसले अपने आप में काफी कुछ कहते हैं। जब धोनी के अचानक टेस्ट से संन्यास लेने के बाद कोहली को नेतृत्व सौंपा गया तो बोर्ड के कई सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई थी कि रहाणे या रविचंद्रन अश्विन को बाहर बैठना पड़ सकता है।

बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए कोहली ने चेतेश्वर पुजारा को टीम में शामिल नहीं किया था। चयनकर्ताओं ने हालांकि पुजारा को भारत-ए टीम का नेतृत्व सौंप शायद कोहली को ही आईना दिखा दिया।

रहाणे की बात करें तो चयनकर्ताओं को शायद उम्मीद होगी की वह जिम्बाब्वे में शीर्ष क्रम पर बल्लेबाजी की बजाय चौथे या पांचवें क्रम पर उतरकर बेहतर प्रदर्शन करें। उल्लेखनीय है कि धौनी ने कहा था कि रहाणे मध्यक्रम पर बल्लेबाजी करने में बहुत सक्षम नहीं हैं।

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
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