धोनी जैसा खिलाड़ी सदियों में एक बार पैदा होता है। इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के दो साल बाद भी, धोनी सबसे फिट क्रिकेटरों में से एक हैं जिन्हें मैदान पर आपने खेलते हुए देखा होगा। जब विकेट के बीच दौड़ने की बात आती है तो 40 साल के धोनी अभी भी बेस्ट से बेस्ट युवा क्रिकेटर को हराने का माददा रखते हैं। ताकत के अलावा धोनी के पास सबसे तेज दिमाग भी है जिसे पता है कि मैच का रुख कब और कैसे बदलना है। 

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जब रवींद्र जडेजा चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी कर रहे थे तब धोनी ही थे जो विकेट के पीछे से उनकी मदद करते हुए नजर आए थे। भारत के पूर्व टीम ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन, जो 2011 में धोनी की विश्व कप विजेता टीम के सहयोगी स्टाफ के सदस्य थे उन्होंने धोनी की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं।

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श्रीनिवासन ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत के दौरान कहा, 'एम एस धोनी एक पहेली हैं सचिन तेंदुलकर की तरह, अरबों में से एक हैं वो। वो वही करता है जो उसे सूट करता है, चाहे वह ताकत का काम हो, चपलता, गति या हाइब्रिड काम हो। उसके पास अपने प्रोटोकॉल हैं, जो उसे उपयुक्त बनाता है। उसके पास फॉर्मूला वन ड्राइवर की तरह अद्भुत रिफ्लेक्स हैं और 5-स्टार जनरल जैसा दिमाग है। बहुत कम लोग MSD के फिटनेस की बराबरी कर पाते हैं जब वे उस उम्र में पहुंच जाते हैं।'

श्रीनिवासन ने आगे कहा, 'हम इकलौती ऐसी टीम थी जहां खिलाड़ी किसी चोट के कारण कोई मैच नहीं मिस करता। खिलाड़ी एक साल आगे की तैयारी करते हैं। वे सभी मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार होते हैं। मैं कहूंगा कि प्रत्येक खिलाड़ी ने खुद को फिट रखने के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी ली वहीं स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच ने उनपर कभी भी दबाव नहीं बनाया।'

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लेखक के बारे में

Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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