Ranji Final: मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। मजबूत मुंबई को हराकर MP ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है। मध्य प्रदेश को चैम्पियन बनाने के पीछे उसके खिलाड़ियों की तो मेहनत है ही लेकिन, एक और नाम जो इस वक्त लोगों के जुबान पर छाया हुआ है वो है चंद्रकांत पंडित का। चंद्रकांत पंडित ही वो इंसान हैं जिसने स्क्रीन के पीछे रहकर मध्य प्रदेश के जीत की कहानी लिखी है। चंद्रकांत पंडित मध्य प्रदेश के कोच हैं और एक कोच के रूप में वो किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
कोच के तौर पर प्रदर्शन रहा है लाजवाब: मध्य प्रदेश को कोचिंग देने से पहले चंद्रकांत पंडित ने 3 साल पहले विदर्भ को लगातार 2 सीजन (2017-18 और 2018-19) में चैंपियन बनाया। इससे पहले जब मुंबई की टीम ने रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था तब भी वो मुंबई के ही कोच थे। मुंबई की टीम ने 2003 और 2004 में उनकी कोचिंग में ही रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था।
चंद्रकांत पंडित हैं सख्त मिजाज कोच: चंद्रकांत पंडित की कोचिंग स्टाइल सबसे निराली है। चंद्रकांत पंडित को काफी सख्त मिजाज का कोच माना जाता है। खबरों की मानें तो वो जो रणनीति तैयार करते हैं उसमें कप्तान का भी बहुत ज्यादा दखल नहीं होता है। चंद्रकांत पंडित अनुशासन को लेकर काफी सीरीयस हैं। बीते दिनों मार्केट में ये भी खबर थी कि एक खिलाड़ी को टीम के लिए बनाए गए नियम तोड़ने के कारण उन्होंने थप्पड़ जड़ दिया था।
खिलाड़ियों का फोन कर लिया था जब्त: चंद्रकांत पंडित से जुड़ा एक और किस्सा काफी मशहूर है। चंद्रकांत पंडित जब विदर्भ टीम के कोच थे तब रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल मैच से पहले जो कर्नाटक के खिलाफ खेला जाना था उन्होंने खिलाड़ियों के फोन जब्त कर लिए थे। चंद्रकांत पंडित को इस बात का डर था कि कहीं खिलाड़ी रात में फोन देखकर अपना फोकस ना मैच से हटा दें।
1999 में मध्य प्रदेश को पहुंचाया था फाइनल में: 23 साल पहले चंद्रकांत पंडित की कप्तानी में ही मध्य प्रदेश की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी। इस मुकाबले में मध्य प्रदेश को हार मिली थी। लेकिन, 23 साल पहले जिस खिलाड़ी का सपना अधूरा रह गया था आज एक कोच ने उस सपने को पूरा कर लिया है।
इंटरनेशनल करियर रहा फीका: चंद्रकांत पंडित अपने टाइम के दिग्गज खिलाड़ी थे। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में चंद्रकांत पंडित ने 138 मैच में 22 शतक और 42 अर्धशतक की मदद से 8 हजार से अधिक रन बनाए हैं लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में चंद्रकांत पंडित इतने कामयाब ना हो सके। चंद्रकांत पंडित ने भारत के लिए केवल 5 टेस्ट और 36 वनडे खेले हैं।