'जाको राखे साईंया मार सके ना कोय' ये कहावत टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को लेकर बिल्कुल सटीक बैठती है। सड़क हादसे का शिकार हुए ऋषभ पंत की कार के परखच्चे उड़ गए बावजूद इसके उन्होंने खुदको बचा लिया। ऋषभ पंत फिलहाल खतरे से बाहर हैं और देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं।
इस भयावह हादसे में ऋषभ पंत तो बच गए लेकिन इंसानियत मर गई। दरअसल, जब ऋषभ पंत की कार डिवाइडर से टकराई तब हालत गंभीर होने के कारण वो कार से निकल नहीं पा रहे थे। जिसके बाद उन्हें विंड स्क्रीन तोड़कर कार से बाहर निकलना पड़ा। खबरों की मानें तो ऋषभ पंत अपने साथ करीब तीन से चार लाख रुपए गाड़ी में लेकर चल रहे थे।
घटना के बाद उनके पास मौजूद सारे रुपये सड़क पर बिखरे पड़े थे। ऋषभ पंत दर्द से कराह रहे थे लेकिन इस दौरान कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने इंसानियत को शर्मसार करते हुए ऋषभ की मदद करने के बजाए उनके पैसों को लूटकर अपनी जेबों में भरने में ज्यादा रूची दिखाई।
बता दें कि इस भयावह घटना के बाद ऋषभ पंत को सिर और घुटनों में चोट आई है। पंत को दो कट लगे हैं - जिनमें से एक बायीं आंख के ठीक ऊपर है - और उनके घुटने पर लिगामेंट फट गया है। उनकी पीठ पर भी काफी ज्यादा चोटे आई हैं। पीठ पर त्वचा ग्राफ्टिंग या प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो कम से कम अगले एक साल के लिए ऋषभ पंत को क्रिकेट छोड़ना पड़ सकता है।