भारतीय फुटबॉलर सुमित राठी ने क्रिकेटरों के अलावा दूसरे भारतीय एथलीटों को बड़ी पहचान नहीं मिलने पर चल रही बहस पर अपना अलग नजरिया साझा किया है। सुमित ने कहा है कि एयरपोर्ट पर भीड़ इंतजार कर रही हो या नहीं, इससे उनकी उपलब्धि की कीमत नहीं बदलती है।
सुमित राठी का यह बयान भारतीय बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के भारत में नॉन-क्रिकेट स्पोर्ट्स के एथलीटों को पहचान न मिलने पर निराशा जताने के बाद आई है।
राठी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि मैं जो गेम खेल रहा हूं, उसमें मैं 10 या 12 देशों के साथ मुकाबला नहीं कर रहा हूं। मैं 200 से ज्यादा देशों के साथ मुकाबला कर रहा हूं। पूरी दुनिया फुटबॉल खेलती है। अगर एयरपोर्ट खाली भी हो, तो कोई फर्क नहीं पड़ता। एयरपोर्ट भरने या खाली होने से मेरी कामयाबी न तो कम और न हीं ज्यादा होगी। कामयाबी की कीमत कम नहीं होती। भीड़ कामयाबी को परिभाषित नहीं करती।"
डिफेंडर ने कहा कि फुटबॉलर्स को दूसरे खेलों के एथलीटों से लोकप्रियता की तुलना करने के बजाय अपने प्रदर्शन और भारतीय फुटबॉल को ऊंचे लेवल पर ले जाने पर फोकस करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मैं बस अपने देश के लिए अच्छे इरादे और अच्छी कोशिश के साथ अपना काम करना चाहता हूं। अगर हम आज नहीं करेंगे, तो कल करेंगे। लेकिन अगर कामयाबी लोगों तक पहुंचेगी, तो समर्थन जरूर मिलेगा।"
राठी ने इस बात पर भी जोर दिया कि थोड़ी पहचान भी मायने रखती है क्योंकि इंडिया में फुटबॉल अभी भी बढ़ रहा है। अभी, शायद दस लाख लोग आपको नहीं जानते होंगे, लेकिन कम से कम दस हजार लोग आपको जानते हैं। यह भी एक उपलब्धि है। मैं विदेश में कोशिश करना चाहता हूं। मैं अपने देश को एक ऊंचे स्तर पर ले जाना चाहता हूं। जब हम अच्छा करेंगे, तो लोग अपने आप हमें सपोर्ट करेंगे।
बता दें कि भारतीय बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने थॉमस कप में भारतीय टीम के कांस्य पदक जीतने के बाद एयरपोर्ट पर प्रशंसकों की कमी पर निराशा जताई थी।
राठी ने इस बात पर भी जोर दिया कि थोड़ी पहचान भी मायने रखती है क्योंकि इंडिया में फुटबॉल अभी भी बढ़ रहा है। अभी, शायद दस लाख लोग आपको नहीं जानते होंगे, लेकिन कम से कम दस हजार लोग आपको जानते हैं। यह भी एक उपलब्धि है। मैं विदेश में कोशिश करना चाहता हूं। मैं अपने देश को एक ऊंचे स्तर पर ले जाना चाहता हूं। जब हम अच्छा करेंगे, तो लोग अपने आप हमें सपोर्ट करेंगे।
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हालांकि बाद में सफाई देते हुए सात्विकसाईराज ने कहा था कि इस बीच, सात्विकसाईराज ने भी शुक्रवार को अपने कमेंट्स पर सफाई दी और कहा कि उनकी निराशा निजी लोकप्रियता या वित्तीय फायदे की चाहत से नहीं थी, बल्कि बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के बाद देश में चुप्पी के भावनात्मक प्रभाव पर थी।