भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को अपने हेडक्वार्टर में हुई 95वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में अरुण सिंह धूमल और एम. खैरुल जमाल मजूमदार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) गवर्निंग काउंसिल के लिए फिर से चुना।
इन दो सीटों के लिए किसी और उम्मीदवार ने नॉमिनेशन नहीं भरा, इसलिए आईपीएल चेयरमैन के तौर पर दूसरा कार्यकाल चाह रहे धूमल और इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (आईसीए) का प्रतिनिधित्व करने वाले मजूमदार का औपचारिक रूप से फिर से चुना जाना तय हो गया।
बीसीसीआई के चुनाव अधिकारी ए.के. जोति द्वारा जांच के बाद सही नॉमिनेशन की अंतिम लिस्ट की पुष्टि करने के साथ ही फ्रेंचाइजी टी20 लीग की फैसला लेने वाली संस्था में प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए इन दोनों का आसानी से फिर से चुने जाने का रास्ता साफ हो गया।
एजीएम में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। आम सभा ने घरेलू अंपायरों और मैच रेफरी के भुगतान ढांचे में बदलाव तथा उनके लिए नए ग्रेड सिस्टम को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। इसके साथ ही बोर्ड ने कई वित्तीय और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी। बीसीसीआई ने 2025-26 वित्तीय वर्ष के ऑडिट किए गए खातों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया और 2026-27 के वार्षिक बजट को मंजूरी दी। इसके अलावा, अगले वित्तीय चक्र के लिए ऑडिटर्स की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी गई है।
आने वाले वर्षों में कई बड़े पड़ावों को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई की आम सभा ने 2027 में आईपीएल के 20वें संस्करण को विशेष और भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया है। इसके लिए बोर्ड पहले से ही तैयारियां शुरू करेगा ताकि टूर्नामेंट के दो दशक पूरे होने का जश्न बड़े स्तर पर मनाया जा सके।
इसके अलावा, बीसीसीआई ने 2028 में अपने 100 साल पूरे होने के अवसर पर होने वाले शताब्दी समारोहों की तैयारी शुरू करने का भी फैसला किया है। बोर्ड के अनुसार, यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल चलने वाला उत्सव होगा।बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा कि शताब्दी समारोह दिसंबर 2027 से शुरू होंगे और पूरे 2028 तक जारी रहेंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य भारतीय क्रिकेट की गौरवशाली यात्रा, उसकी उपलब्धियों और खेल में उसके योगदान का जश्न मनाना होगा।
एजीएम में कई अहम नीतिगत फैसले भी लिए गए। बोर्ड ने 'यौन उत्पीड़न की रोकथाम' (पॉश) नीति के तहत एक नई आंतरिक समिति का गठन किया, ताकि शिकायतों के निपटारे और सुरक्षित कार्य वातावरण को और मजबूत बनाया जा सके। इसके साथ ही बीसीसीआई ने अपनी 'उम्र सत्यापन नीति' को अपडेट कर आधिकारिक रूप से लागू करने की मंजूरी दी। यह नीति आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता बनाए रखने और गलत उम्र बताने के मामलों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास पर भी बैठक में चर्चा हुई। आम सभा ने राज्य क्रिकेट संघों के साथ मिलकर उनके लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि उन्हें बेहतर अवसर और सहायता मिल सके।
एजीएम में कई अहम नीतिगत फैसले भी लिए गए। बोर्ड ने 'यौन उत्पीड़न की रोकथाम' (पॉश) नीति के तहत एक नई आंतरिक समिति का गठन किया, ताकि शिकायतों के निपटारे और सुरक्षित कार्य वातावरण को और मजबूत बनाया जा सके। इसके साथ ही बीसीसीआई ने अपनी 'उम्र सत्यापन नीति' को अपडेट कर आधिकारिक रूप से लागू करने की मंजूरी दी। यह नीति आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता बनाए रखने और गलत उम्र बताने के मामलों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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इस बैठक में विभिन्न राज्य क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) की ओर से भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली मौजूद रहे। वहीं, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) का प्रतिनिधित्व भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने किया।