इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) द्वारा क्रिकेट कनाडा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के बाद क्रिकेट कनाडा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बोर्ड ने आईसीसी के फैसले को 'अप्रत्याशित' बताया, लेकिन साथ ही कहा कि वह आईसीसी के सभी निर्देशों का पालन करेगा और अपने प्रशासनिक तथा वित्तीय ढांचे में जरूरी सुधार करेगा।
आईसीसी ने सोमवार को अहमदाबाद में हुई अपनी बोर्ड बैठक में क्रिकेट कनाडा की सदस्यता निलंबित करने का फैसला लिया। आईसीसी ने कहा कि क्रिकेट कनाडा ने सदस्य देशों के लिए तय जिम्मेदारियों का गंभीर उल्लंघन किया है। हालांकि, इस निलंबन के बावजूद कनाडा की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमें आईसीसी के टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए पात्र रहेंगी।
क्रिकेट कनाडा ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला उनके लिए अप्रत्याशित था, क्योंकि एक स्वतंत्र कानूनी समिति पहले से ही काम कर रही है और अगले दो सप्ताह में अपनी अंतरिम रिपोर्ट देने वाली है। इसके बावजूद बोर्ड आईसीसी के फैसले का सम्मान करता है और सभी आवश्यक नियमों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बोर्ड ने कहा कि उसने जांच और सुधार प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया है ताकि प्रशासन, वित्तीय निगरानी और रिपोर्टिंग प्रणाली को जल्द से जल्द मजबूत बनाया जा सके। क्रिकेट कनाडा के अनुसार, आईसीसी से नोटिस मिलने के बाद उन्होंने कई बड़े और संरचित सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
क्रिकेट कनाडा ने आईसीसी को एक विस्तृत सुधार और रोकथाम कार्ययोजना (सीएपीए) भी सौंपी है। इस योजना में प्रशासनिक और वित्तीय कमियों की जड़ तक पहुंचने के लिए विश्लेषण, अगले 90 दिनों के भीतर सुधारात्मक कदम और 90 से 180 दिनों के बीच दीर्घकालिक सुधार लागू करने की रूपरेखा शामिल है। इसके साथ ही आईसीसी की सभी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए स्पष्ट समयसीमा भी तय की गई है।
बोर्ड ने कहा कि उसने जांच और सुधार प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया है ताकि प्रशासन, वित्तीय निगरानी और रिपोर्टिंग प्रणाली को जल्द से जल्द मजबूत बनाया जा सके। क्रिकेट कनाडा के अनुसार, आईसीसी से नोटिस मिलने के बाद उन्होंने कई बड़े और संरचित सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
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इसके अलावा, बोर्ड ने वित्त एवं ऑडिट समिति को फिर से सक्रिय करने, 2026 का संशोधित बजट तैयार करने, ऑडिट प्रक्रिया में तेजी लाने, प्रशासनिक प्रशिक्षण लागू करने और वित्तीय नियंत्रण नीतियों को मजबूत करने जैसे कदम भी शुरू कर दिए हैं। क्रिकेट कनाडा ने यह भी स्पष्ट किया कि आईसीसी द्वारा उठाई गई अधिकांश चिंताएं वर्तमान नेतृत्व से नहीं, बल्कि पिछले बोर्ड और प्रबंधन के समय की व्यवस्थागत कमजोरियों से जुड़ी हैं। बोर्ड का कहना है कि नया बोर्ड और मौजूदा प्रबंधन इन समस्याओं को दूर करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रहा है और जल्द ही बड़े पैमाने पर सुधार लागू किए जाएंगे। क्रिकेट कनाडा ने भरोसा जताया कि वह आईसीसी की सभी शर्तों को पूरा कर सदस्यता बहाल कराने में सफल रहेगा।