श्रीलंका और भारत के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से गाले में हो रही है। श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में 33 साल के ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है। सारांश पहली बार भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
मध्यप्रदेश के लिए 2014-15 सीजन में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने वाले सारांश ने भारतीय टीम में जगह मिलने के समय को याद करते हुए कहा, "वह एक मंदिर जा रहे थे, जब उन्होंने अपने फोन पर कई कॉल और मैसेज देखे।"
बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में जैन ने कहा, "जब मुझे कॉल आया, तो मैं एक मंदिर में था। मैं गाड़ी चला रहा था। मैंने बीच में एक कॉल और मैसेज देखा। इसके बाद मुझे पता चला कि मेरा भारतीय टीम में चयन हो गया है।"
33 साल के जैन ने दस साल से ज्यादा समय तक घरेलू क्रिकेट खेला है। उन्होंने कहा कि इंडिया स्क्वॉड में शामिल होने के बाद उन्हें ज्यादा परेशानी महसूस नहीं हुई। वह पहले ही टीम के ज्यादातर साथियों के साथ खेल चुके हैं।
उन्होंने कहा, "रणजी ट्रॉफी का एक माहौल होता है। जब मैं तीन दिन पहले टीम में शामिल हुआ, तो मुझे ज्यादा फर्क महसूस नहीं हुआ। मैंने 70-80 प्रतिशत खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेला है। इसलिए मुझे लगता है कि मैं उन सभी के साथ घुल-मिल गया हूं।"
जैन ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने की चाहत रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सब्र जरूरी है।
उन्होंने कहा, "टेस्ट क्रिकेट में आपको सब्र रखना होता है। अगर आप इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं, तो आपको सब्र रखना होगा। मैंने अपना करियर शुरू करने के बाद से ही सब्र रखा है। मैंने 2014-15 में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था। यह एक लंबा सफर रहा है। इसमें बहुत मेहनत और त्याग करना पड़ा है। एक दिन, मैं जरूर इंडिया के लिए खेलूंगा। मुझे यही लग रहा था।"
जैन ने कहा, "मेरा परिवार मेरे साथ रहा है। मेरे पिताजी रणजी ट्रॉफी के खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सब्र रखो, चीजें अपने आप आपके पास आ जाएंगी।"
बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाएं हाथ से ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करने वाले सारांश जैन भारत ए टीम के नियमित सदस्य रहे हैं। वह 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 2,223 रन बनाने के साथ ही 188 विकेट ले चुके हैं। सारांश ने मध्यप्रदेश को पहली बार रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बनाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
जैन ने कहा, "मेरा परिवार मेरे साथ रहा है। मेरे पिताजी रणजी ट्रॉफी के खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सब्र रखो, चीजें अपने आप आपके पास आ जाएंगी।"
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सारांश श्रीलंका टेस्ट सीरीज में डेब्यू कर सकते हैं। उनके प्रदर्शन पर फैंस के साथ-साथ विश्लेषकों की भी नजर है।