भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने 2013 में अपने आईपीएल करियर की शुरुआत की थी। अपने आईपीएल करियर की शुरुआत का श्रेय उन्होंने अपने गृह राज्य केरल से आने वाले पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत को दिया है। उन्होंने कहा कि एस. श्रीसंत ने राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के ट्रायल के दौरान उनके नाम की जोरदार वकालत की थी। उस समय वह काफी युवा थे।

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सैमसन ने जियोस्टार के शो 'सुपरस्टार्स' पर कहा, "श्रीसंत भाई बहुत दरियादिल इंसान हैं। केरल के ड्रेसिंग रूम में, जब मैं छोटा था, तो मैं उन्हें हर साल पांच या छह खिलाड़ियों को राजस्थान रॉयल्स के ट्रायल में ले जाते हुए देखता था। उस समय, मुझे केरल की टीम से बाहर कर दिया गया था क्योंकि मैं रन नहीं बना पा रहा था। श्रीसंत एक अहम रणजी ट्रॉफी मैच खेलने आए थे। उन्होंने हमारे सचिव, टीसी मैथ्यू सर को बुलाया और कहा, 'मुझे टीम में संजू चाहिए।' मैथ्यू सर ने जवाब दिया, 'वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है, हम उसे क्यों लें?' श्री भाई ने कहा, 'नहीं, उसे लाओ। मैं उससे अच्छा प्रदर्शन करवाऊंगा।'"

उन्होंने कहा, "मैं उस समय लगभग 16 साल का था। मैंने पहली पारी में 122 और दूसरी पारी में 51 रन बनाए। मैच के बाद, श्री भाई मुझे जयपुर में ट्रायल के लिए ले गए। राहुल द्रविड़ सर पहली बार मुझसे मिलने आए। उनके सामने ही श्रीसंत मेरी तारीफ करने लगे।"

सैमसन ने कहा, "श्रीसंत ने राहुल द्रविड़ के सामने मेरी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस लड़के से मिलिए, इसने मेरे खिलाफ बहुत रन बनाए हैं। छक्के मारे हैं। मैं पहले से ही दबाव में था, और उन्होंने वहां मेरे बारे में कई कहानियां बना दीं। किसी तरह, उसके बाद मैंने कुछ छक्के मार ही दिए। उस समय राहुल द्रविड़ ने कहा था कि मैं तुम्हें खिलाऊंगा। मैं आपको वादा कर सकता हूं कि आपको मौका मिलेगा। दूसरी टीमों के बारे में पक्का नहीं कह सकता, लेकिन यहां मैं आपको मौका जरूर दूंगा।"

संजू ने कहा, "मैंने ट्रायल्स में अच्छा किया और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में केरल के लिए भी अच्छा खेला। आईपीएल से पहले हुए अभ्यास मैच में राहुल सर ने मुझे खेलने का मौका दिया, मैं अच्छा नहीं खेल पाया। फिर भी, उन्होंने मुझे मौका देने का वादा किया था। लेकिन जब पहले मैच के लिए प्लेइंग इलेवन का ऐलान हुआ, तो उसमें मेरा नाम नहीं था। हालांकि, यह एक तरह से मेरे लिए अच्छा ही साबित हुआ।"

उन्होंने कहा, "मैं लगभग पांच या छह मैचों तक बाहर बैठा रहा। मैं प्रतिदिन राहुल द्रविड़ के पास जाता था और उनसे लगभग आधे घंटे तक बात करता था। मैं उनसे पूछता था कि दबाव को कैसे संभालें। उन शुरुआती छह मैचों में मैं सभी बड़े खिलाड़ियों से सीख रहा था। वहां शेन वॉटसन, राहुल द्रविड़, अजिंक्य रहाणे, ब्रैड हॉज जैसे बड़े नाम थे। मेरे पास एक छोटी सी डायरी थी। मैं उनसे सवाल पूछता, अपने कमरे में वापस जाता और उनके जवाब लिख लेता। मैंने नोट किया कि अगर मुझे मैच खेलने का मौका मिले तो मुझे कैसे खेलना चाहिए।"

सैमसन को आईपीएल में बड़ा मौका तब मिला जब नियमित विकेटकीपर दिशांत याग्निक दुर्भाग्य से चोटिल हो गए।

उन्होंने कहा, लगातार कई मैचों में बाहर रहने के बाद मैंने राहुल भाई से पूछने की हिम्मत जुटाई कि जब उन्होंने वादा किया था तो मैं क्यों नहीं खेल रहा था। उन्होंने कहा कि मुझे धैर्य रखने की जरूरत है और मेरा समय भी आएगा। यह सुनकर मैं परेशान और निराश हो गया। मैंने अपना सारा गुस्सा नेट्स में निकाला। मैं नेट्स में जाकर छक्के मारता था और सोचता था, 'मैं उन्हें दिखा दूंगा। हमारे विकेटकीपर दिशांत याग्निक चोटिल हो गए। मुझे खिलाने का कोई प्लान नहीं था, लेकिन दिशांत भाई एक मैच के लिए चोटिल हो गए। इसके बाद मेरा डेब्यू हुआ।

सैमसन को आईपीएल में बड़ा मौका तब मिला जब नियमित विकेटकीपर दिशांत याग्निक दुर्भाग्य से चोटिल हो गए।

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सैमसन ने आईपीएल 2013 में 11 मैचों की 10 पारियों में 206 रन बनाए थे। उनकी छोटी पारियों में यह दिख गया था कि आगे चलकर वह भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बनने वाले हैं।

Article Source: IANS

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