जम्मू-कश्मीर के दिव्यांग क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन को 15 अगस्त को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की तरफ से नई दिल्ली में आने और राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के 'एट होम' रिसेप्शन में शामिल होने का न्यौता गया है। आमिर हुसैन इसे अपने लिए बड़ा सम्मान और उपलब्धि मानते हैं और बेहद खुश हैं।
आईएएनएस से बात करते हुए आमिर हुसैन लोन ने कहा, "मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि जीवन में एक दिन ऐसा भी आएगा, जब मैं अपने राष्ट्रपति से मिलूंगा। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे देश के स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के दिन राष्ट्रपति के यहां से निमंत्रण मिला है।"
आमिर ने कहा, "मुझे राष्ट्रपति की तरफ से निमंत्रण मिले 3 दिन हुआ। मैं उसी समय इतना खुश हूं कि सो नहीं पा रहा हूं। मैं बस वहां जाने और उनसे मिलने के लिए बेताब हूं। खुशी इतनी है कि मैंने कुछ दिनों से अभ्यास भी नहीं किया है। मैं गरीब घर से संबंध रखता हूं। हमारा गांव भी पिछड़ा हुआ है। यहां सड़के भी नहीं हैं। ऐसे में मुझे निमंत्रण पत्र मिलने से पूरा गांव खुश है। मुझे मेरे परिवार का हमेशा समर्थन मिला है। मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी।"
लोन ने एक क्रिकेटर के तौर पर हासिल उपलब्धियों के लिए गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, "मेरी जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आया, जब मैं पूरी तरह टूट गया था। उस समय मुझे गौतम अदाणी मसीहा के रूप में मिले। मैं चाहता हूं कि मेरी क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन वही करें।"
उन्होंने कहा, "मेरा बचपन से क्रिकेटर बनने का सपना रहा है। मुझे लोग क्रिकेट नहीं खिलाते थे। उस समय मुझे बहुत दुख होता था। अब मैं अपनी क्रिकेट अकादमी उद्घाटन करने जा रहा हूं, इसलिए चाहता हूं कि मेरे मसीहा इसका उद्घाटन करें। अदाणी फाउंडेशन ने जो भी मेरे लिए किया है, उसके लिए कितना भी मैं शुक्रिया अदा करूं, वो बहुत कम होगा। मैं जब भी नमाज पढ़ता हूं तो गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन के लिए दुआ मांगता हूं। मैं चाहता हूं कि उनकी जिंदगी लंबी हो और वह ऐसे ही आगे बढ़ते रहें।"
उन्होंने कहा, "मेरी जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आया, जब मैं पूरी तरह टूट गया था। उस समय मुझे गौतम अदाणी मसीहा के रूप में मिले। मैं चाहता हूं कि मेरी क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन वही करें।"
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बता दें कि आमिर हुसैन की क्रिकेट के प्रति लगन और समर्पण की प्रशंसा सचिन तेंदुलकर भी कर चुके हैं।