धोनी की गिनती क्रिकेट के इतिहास के दिग्गज कप्तानों में होती है। कुछ ऐसे क्रिकेटर हैं जो धोनी के अधीन खेले लेकिन, किसी ना किसी कारण आशाजनक भविष्य होने के बावजूद चमक नहीं पाए। इस आर्टिकल में शामिल है उन 5 खिलाड़ियों का नाम जिन्हें धोनी के युग में खुदको साबित करने का ज्यादा मौका नहीं मिला।

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यूसुफ पठान: हरफनमौला खिलाड़ी यूसुफ पठान शानदार पावर-हिटर थे। इसके अलावा यूसुफ पठान गेंद से भी टीम के लिए काफी ज्यादा उपयोगी थे। राजस्थान रॉयल्स ने 2008 में जब पहली बार आईपीएल जीता था उसमें भी यूसुफ पठान का अहम योगदान रहा। यूसुफ पठान को धोनी की कप्तानी में उतना मौका नहीं मिला जितना मिलना चाहिए था। 2012 के बाद फिर कभी उन्हें टीम इंडिया में नहीं चुना गया।

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मनोज तिवारी: स्टाइलिश प्लेयर मनोज तिवारी ने भारत के लिए महज 12 वनडे और 1 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला है। मनोज तिवारी मिडिल ऑर्डर के भरोसेमंद बल्लेबाज थे और घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपनी बैटिंग का लोहा भी मनवाया। धोनी के नेतृत्व में मनोज तिवारी को उतना मौका नहीं मिला।

इरफान पठान: ऑलराउंडर इरफान पठान अपने पूरे करियर के दौरान चोट से जूझते रहे हैं। हालांकि, चोटिल होने के बाद हर बार इरफान ने वापसी करते हुए खुदको साबित किया। बहरहाल इरफान पठान को टीम इंडिया में इतने मौके नहीं मिले जितना वो डिजर्व करते थे। इरफान ने अपना ज्यादातर क्रिकेट धोनी के अंडर में ही खेला है।

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रॉबिन उथप्पा: आईपीएल में लगातार प्रदर्शन करने के बावजूद रॉबिन उथप्पा को नियमित रूप से कभी भी टीम इंडिया में मौका नहीं मिला। 2014 और 2015 में रॉबिन उथप्पा ने छप्पर फाड़ रन बनाए लेकिन, जुलाई 2015 में जिम्बाब्वे दौरे के बाद वो भारत के लिए कभी नहीं खेले।

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लेखक के बारे में

Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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