भारतीय टीम के पूर्व धुरंधर कप्तान सौरव गांगुली आज अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। सौरव गांगुली वो शख्सियत हैं जिसने भारतीय टीम में जोश भरा और राह दिखाया कि विदेशी सरजमीं पर मैच कैसे जीते जाते हैं। कभी हार ना मानने वाला जज़्बा रखने वाले इस खिलाड़ी के बारे में आइये जानते है कुछ ख़ास बातें।

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जन्म  स्थान एवं पूरा नाम - सौरव गांगुली का जन्म 8 जुलाई साल 1972 को कोलकाता में हुआ और इनका पूरा नाम सौरव चंडी दास गांगुली है। 

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उनके कुछ रॉयल्स नाम - सौरव गांगुली का परिवार बंगाल के अमीर घरानों में से एक है। बचपन से उनके घरवाले और दोस्त उन्हें महाराजा के नाम से बुलाते हैं।

इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के दौरान कमेंटेटर जॉयफेर्री बॉयकॉट ने उन्हें एक मैच में ''प्रिंस ऑफ़ कोलकाता का '' ख़िताब दिया। इसके अलावा क्रिकेट फैन्स और खिलाड़ियों के बीच गांगुली दादा के नाम से भी मशहूर हुए। आज भी फैन्स उन्हें दादा के नाम से ही पुकारते हैं।

 

ऐसे बने बांये हाथ के खिलाड़ी- सौरव अपनी शुरूआती जीवन से अपना सारा काम जैसे लिखना, खाना गेंदबाजी करना अपने दाएं हाथ से ही किया करते थे। मगर सौरव अपने बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली जो की बाएं हाथ के खिलाड़ी थे उनका क्रिकेट किट इस्तेमाल करने के लिए बाएं हाथ के बल्लेबाज बन गए। 

इंटरनेशनल डेब्यू-  सौरव गांगुली ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू 11 जनवरी साल 1992 को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से किया लेकिन अपने ख़राब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से निकाल दिया गया जिसके बाद गांगुली ने साल 1992 में अपने घर में ही एक गेंदबाजी करने वाली मशीन खरीद ली ताकि वो अपने बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान दे सके। 

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एक यादगार टेस्ट डेब्यू - सौरव गांगुली ने साल 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर अपना टेस्ट डेब्यू किया और उन्होंने पहली पारी में ही शतक जमाया। गांगुली लॉर्ड्स के मैदान पर डेब्यू मैच में शतक ज़माने वाले वर्ल्ड के तीसरे बल्लेबाज हैं। उनसे पहले ये कारनामा हैरी ग्राहम और जॉन हैम्पशायर ने किया है।

2001 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर किया था ये अजीबोगरीब हरकत - साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम के कप्तान रहे सौरव गांगुली चार मौकों पर टॉस के वक़्त देर से पहुंचे जिससे विपक्षी टीम के कप्तान स्टीव वॉ और अंपायर ने अपनी नाराजगी जताई। उसी दौर पर एक अन्य मैच के दौरान गांगुली बिना भारतीय जर्सी पहने टॉस के लिए पहुंच गए थे। 

 

ये अनोखे रिकॉर्ड बनाने वाले कुछ खिलाड़ियों में शामिल - सौरव गांगुली का नाम वर्ल्ड के ऐसे 5 क्रिकटरों में आता है जिन्होंने अपने करियर में 10,000 रन, 100 से ज़्यादा कैच और 100 से ज्यादा विकेट लिए हैं।गांगुली के साथ इस लिस्ट में ऑलराउंडर जैक्स कैलिस, सचिन, दिलशान और जयसूर्या के नाम भी शामिल हैं।

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साल 2002 में लॉर्ड्स में उतारी टी- शर्ट

साल 2002 में लॉर्ड्स के मैदान पर गांगुली ने इंग्लैंड को फाइनल में हराने के बाद टीशर्ट को उतारकर हवा में उड़ाकर जश्न मनाया था। गांगुली ने ऐसा कर भारतीय क्रिकेट में आक्रमकता की नई जान फुंक दी थी।

 

ग्रेग चैपल के साथ विवाद - सौरव गांगुली के करियर में कई उतर चढ़ाव आये। लेकिन ग्रेग चैपल के साथ हुआ उनका विवाद सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में रहा। साल 2005 में जब जॉन राइट भारतीय कोच के पद से हटे तब ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल को भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया गया। उस दौरान गांगुली बल्लेबाजी में अच्छे फॉर्म से नहीं गुज़र रहे थे और चैपल ने उनसे कहा की कप्तान के तौर पर फॉर्म में गिरावट आने से पूरी भारतीय टीम को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है।

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गांगुली ने ज़िम्बाब्वे दौरे पर पहले टेस्ट मैच में ही शानदार शतक जमाया और मीडिया से बातचीत के दौरान कहा की चैपल ने उन्हें कप्तानी छोड़ने की बात कही थी। मामला यही नहीं रुका और तब चैपल ने बीसीसीआई को एक पत्र लिखा जिसके बाद ज़िम्बाबवे दौर के बाद ही गांगुली को भारतीय टीम के कप्तानी पद से हटा दिया गया था।

लेखक के बारे में

Vishal Bhagat
Vishal Bhagat - A cricket lover, Vishal is covering cricket for the last 5 years and has worked with the Dainik Bhaskar group in the past. He keeps a sharp eye on the record being made in the cricket world and takes no time to present it to the viewers in the form of articles. Read More
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