Shahrukh Khan And Juhi Chawla: अगर आईपीएल में खेले बड़े खिलाड़ियों की क्रिकेट और मिजाज के किस्से हैं तो आईपीएल टीमों के मालिक कौन से कम हैं? यहां मालिक से मतलब उस नाम से है जो टीम की पहचान बना। अब कोलकाता नाइट राइडर्स को ही लीजिए- ये हमेशा शाहरुख़ खान की टीम कहलाई। ये तो स्वाभाविक है कि टीम जीते तो मालिक खुश और टीम हारे तो मालिक नाराज/गुस्सा। भले खुद कभी क्रिकेट बैट न पकड़ा हो पर टीम न जीते तो मालिक खिलाड़ियों को लेक्चर देने का मौका भी नहीं छोड़ते। यहां भी हर किसी का अलग अंदाज!

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पाकिस्तान के क्रिकेटर सलमान बट केकेआर के लिए खेले थे आईपीएल 2008 में और हाल ही में एक प्रोग्राम में सलमान ने बताया कि आईपीएल के उस पहले सीजन में जब शाहरुख खान ने पहली बार टीम के खिलाड़ियों से बात की थी तो क्या अंदाज था उनका? अब शाहरुख ठहरे इतने बड़े स्टार तो कुछ अलग स्टाइल तो होनी ही थी उनकी उस टीम मीटिंग में।

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सलमान ने कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान की डाउन-टू-अर्थ नेचर के लिए उनकी तारीफ़ की। पहली बार आईपीएल हो रहा था। इसलिए, खिलाड़ियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि फ्रैंचाइज़ी यानि कि मालिक उनके साथ कैसा व्यवहार करेंगे? इस मामले में शाहरुख ने उनका दिल जीत लिया। मीटिंग का अंदाज देखिए-

उस पहली मीटिंग के हवाले से सलमान ने बताया कि खिलाड़ी सोफे पर बैठे थे, जबकि मालिक खान फर्श पर रखे एक किट बैग पर लेटने के अंदाज में बैठे हुए थे! उन्होंने बात ही ये बोल कर शुरू की कि बिना झिझक, जो मन में है- बोलो। धीरे-धीरे यूं बात होने लगीं, जैसे पुराने दोस्त हों।

वैसे जब भी कोलकाता नाइट राइडर्स टीम की बात होती है तो ये कैसे हो सकता है कि शाहरुख खान और जूही चावला की दोस्ती का जिक्र न आए। इस टीम की ग्राउंड के बाहर कामयाबी का राज शाहरुख खान और जूही चावला की दोस्ती और गजब की केमिस्ट्री है। दोनों कई साल से दोस्त हैं- कोई बात है तभी तो शाहरुख के साथ हीरोइन तो कई रहीं पर शाहरुख ने अपनी अन्य किसी हीरोइन से व्यापार के सम्बन्ध नहीं रखे।

इतने सालों में जूही बहुत अच्छी तरह से समझ गई हैं शाहरुख के मिजाज को। अब जब शाहरुख से खिलाड़ियों की मीटिंग का जिक्र हो ही रहा है तो जूही से बेहतर कौन बता सकता है कि शाहरुख खिलाडियों के साथ कैसे टीम मीटिंग करते हैं? मसलन किसी मैच में टीम अच्छा न खेल रही हो तो जूही को, इतने साल में ये तो मालूम ही हो गया है कि अब क्या होने वाला है?  ये बात उनसे द कपिल शर्मा शो में भी पूछी गई थी। बड़ा मजेदार अंदाज बताया जूही ने।

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अगर मैच में उनकी टीम अच्छा नहीं खेल रही और संयोग से शाहरुख और जूही दोनों मैच में मौजूद हों तो वे डर जाती हैं- शाहरुख़ के गुस्से से। इसीलिए वे फौरन दिल खोलकर प्रार्थना करना शुरू कर देती हैं- भगवान को याद करना, मंत्र पढ़ना, हनुमान जी को भी नहीं छोडती और गायत्री मंत्र भी। किसी तरह ये गुस्सा ठंडा हो जाए। शाहरुख को देखिए- खराब खेलते हैं खिलाड़ी और वे जूही को डांटने लग जाते हैं। गुस्से में कहते हैं- टीम की मीटिंग बुलाओ। जूही फौरन आगे आर्डर दे देती हैं कि मैच के बाद टीम मीटिंग होगी और सब खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ उसमें मौजूद रहें। अब गुस्से में टीम मीटिंग बुलाई तो लगता है आज किसी की खैर नहीं।

लो जी मीटिंग शुरू हो गई। मीटिंग में पहले इधर-उधर की बातें, मैच की बातें और मजाक। खिलाड़ियों से उनके परिवार का हाल तक पूछ लेते हैं। जूही इस दौरान डरती ही रहती हैं कि खिलाड़ियों की खैर नहीं- अब बरसे कि तब बरसे उन पर। होता ये है कि समय निकलता जाता है और शाहरुख़ किसी को कुछ नहीं कहते। मीटिंग खत्म होने लगती है तो बस आखिरी में बोल देते हैं- 'अच्छा खेलो भाई, हां' और मीटिंग ख़त्म। क्या गजब अंदाज है शाहरुख का।

इन दोनों की गहरी दोस्ती की वजह है- मुश्किल में एक दूसरे का साथ देना। आर्यन खान जेल में था तो जमानत होने पर, बिना देरी, पहली श्योरिटी जूही ही थीं। पर्दे पर दोनों की गजब की जोड़ी थी। राजू बन गया जेंटलमैन, यस बॉस, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी, डर, डुप्लीकेट और कभी हां कभी ना जैसी यादगार फिल्मों में साथ साथ अभिनय किया। दोस्ती 1993 में फिल्म डर के दौरान शुरू हुई थी।  

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जूही चावला की मां के देहांत के बाद दोस्ती ने एक नया मोड़ ले लिया। यह फिल्म 'डुप्लिकेट' की शूटिंग के समय की बात है। जूही, मां को खोने के दर्द से दुखी थीं तो शाहरुख उनके लिए एक बड़ा सहारा बने। उसके बाद, शाहरुख और जूही ने बिजनेस पार्टनर बनने का फैसला किया। मिलकर 'ड्रीम्स अनलिमिटेड' नाम से एक प्रोडक्शन हाउस खोला, जिसके बैनर तले कई फिल्में रिलीज कीं। बाद में नाम बदलकर 'रेड चिलीज एंटरटेनमेंट' कर दिया। इस प्रोडक्शन हाउस का सीईओ जूही के भाई संजीव चावला को बनाया। 2010 में, संजीव एक स्ट्रोक से कोमा में चले गए और 2014 में मौत हो गई। उस वक्त भी शाहरुख सहारा बने थे और जूही को टूटने नहीं दिया। यहां तक कि जब यह लगा कि हवा में दोनों के बीच रोमांस की ख़बरें, दोनों पर असर डाल सकती हैं तो शाहरुख़ ने जूही के साथ फ़िल्में करना बंद कर दिया।  

जूही ने शादी की पर शाहरुख से दोस्ती ऐसी ही रही। मिलकर आईपीएल में टीम खरीदी। ऐसा नहीं कि कभी दोस्ती में खटास नहीं आई पर अपने प्रोफेशनल सम्बंध पर इसका असर नहीं पड़ने दिया।

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लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
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