आईची-नागोया (Aichi-Nagoya) में एशियन गेम्स की बदौलत क्रिकेट को एक नया वेन्यू मिल रहा है और इस वेन्यू की स्टोरी उतनी ही दिलचस्प है जितना वहां होने वाला क्रिकेट।

Also Read: LIVE Cricket Score
Advertisement

नागोया के ईस्ट में है निशिन शहर (Nisshin City) जहां के कोरोगी एथलेटिक पार्क (Korogi Athletic Park) में अभी कुछ साल पहले तक, बेसबॉल खेलते थे। इसे क्रिकेट के लिए नए सिरे से तैयार किया और नतीजा: जापान को इंटरनेशनल स्तर का एक नया क्रिकेट ग्राउंड मिल गया। जिस देश में बेसबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है, वहां क्रिकेट के लिए अलग से एक ग्राउंड, बहुत बड़ी बात है। आइची-नागोया गेम्स की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ये जापान का दूसरा ऐसा क्रिकेट ग्राउंड है जहां इंटरनेशनल टूर्नामेंट की जरूरतों को पूरा करने वाली प्राकृतिक ग्रास पिच है।

ये बदलाव जरूरत का नतीजा है। जब ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और मेजबान आइची-नागोया ने एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल करने को मंजूरी दी तो सामने सबसे बड़ी अड़चन थी, वहां आस-पास भी कोई सही क्रिकेट ग्राउंड न होना। टोक्यो के नार्थ में तोचिगी के सानो में एक इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड है (जहां भारत-जापान टी20 इंटरनेशनल है) लेकिन ये नागोया से बहुत दूर है।

तो समाधान था नया क्रिकेट स्टेडियम बनाएं या किसी मौजूदा स्पोर्ट्स फैसिलिटी को क्रिकेट ग्राउंड में बदल दें। खर्चा बचाने के लिए दूसरा रास्ता चुना जिसने कोरोगी को एशियन गेम्स में इस्तेमाल हो रहे एक और ग्राउंड से, क्रिकेट ग्राउंड में बदल दिया। ये प्रयोग सस्ते में इंटरनेशनल क्रिकेट को लाने के लिए, उन देश के लिए एक सबक की तरह से है जहां क्रिकेट स्टेडियम का कोई स्थापित नेटवर्क नहीं।

कोरोगी एथलेटिक पार्क, सेंट्रल नागोया से लगभग 20 किमी दूर है और यहां तीन बेसबॉल फील्ड हैं। क्रिकेट ग्राउंड का काम मार्च 2026 के आखिर में पूरा हुआ और आख़िरी सबसे बड़ा बदलाव था हाइब्रिड पिच स्क्वायर को बनाना। ग्राउंड का टेस्ट हुआ जब यहां आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्वालिफायर के 6 मैच खेले। ये 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफायर टूर्नामेंट है। क्वालिफायर के दौरान ग्राउंड में लगभग 1000 दर्शक मौजूद थे और एशियन गेम्स के लिए ग्राउंड की क्षमता बढ़ाकर लगभग 2000 करने के लिए अस्थायी स्टैंड लगा दिए हैं।

पिच बनाने के लिए प्राकृतिक घास के साथ पॉलीइथिलीन फाइबर का इस्तेमाल किया है। इसी टेक्नोलॉजी का वानुअतु के पोर्ट विला में हाइब्रिड सतह बनाने के लिए इस्तेमाल हुआ है। क्वालिफायर के दौरान, पापुआ न्यू गिनी और कुक आइलैंड्स के बीच मैच में तो 359 रन भी बने और हर मैच में पिच से बाउंस और टर्न दोनों मिले। कोरोगी एथलेटिक पार्क में ही अब एशियन गेम्स में सभी टी20 क्रिकेट मैच खेलेंगे (मैच 17 सितंबर से शुरू हैं)।

कोई भी बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट कुछ दिन के लिए तो हर चर्चा में रहता है लेकिन असली इम्तिहान होता है इवेंट खत्म होने के बाद। जापान क्रिकेट एसोसिएशन के लिए एशियन गेम्स में क्रिकेट, महज एक शुरुआत नहीं है। वे अब चाहते हैं कि सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड के साथ-साथ कोरोगी एथलेटिक पार्क भी जापान के क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर का स्थाई हिस्सा बने।

ये सोच गलत नहीं पर आसान भी नहीं। अभी जो एग्रीमेंट हुआ है उसके अनुसार एसोसिएशन को साल में सिर्फ 20 दिन के लिए ये ग्राउंड क्रिकेट पिच के रखरखाव और इस्तेमाल के लिए मिलेगा। इसलिए साथ-साथ एक और सिंथेटिक-पिच फैसिलिटी बनाने का काम शुरू कर दिया रही है। इससे सितंबर के बाद भी ये वेन्यू चर्चा में रहेगा। जापान, इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए किसी उधार की फैसिलिटी के इस्तेमाल के बजाय क्रिकेट को अपने स्पोर्ट्स कल्चर का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है।

मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में क्रिकेट की एंट्री अब लगातार बढ़ रही है। 128 साल के बाद लॉस एंजिल्स 2028 में क्रिकेट, ओलंपिक प्रोग्राम में भी वापसी कर रहा है। जो सस्ता लेकिन बेहतर इंतजाम जापान ने किया, वह इस कड़ी में बड़ा मदगार साबित होगा।

जापान के लिए, कोरोगी एथलेटिक पार्क, क्रिकेट को उन लोगों तक पहुंचाने का जरिया है जो शायद क्रिकेट के बारे में बहुत कम जानते हों। निसिन प्रोजेक्ट वहां क्रिकेट के विकास के प्रोजेक्ट का एक खास हिस्सा है। मेजबान होने के नाते, जापान की पुरुष और महिला टीम ने अपने-आप क्वालीफाई कर लिया जिससे स्थानीय दर्शकों को अपने देश की टीमों से जुड़ने का मौका मिल रहा है तो साथ ही वे एशिया की बेहतरीन टीमों और खिलाड़ियों को करीब से देख रहे हैं। इसलिए, इस वेन्यू के दो काम हैं: एक हाई-लेवल इंटरनेशनल टूर्नामेंट की मेजबानी करना और क्रिकेट के लिए नए दर्शक तैयार करने के प्रोजेक्ट में मदद।

अमेरिका ने भी 2024 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान ऐसी ही मुश्किल का सामना किया था पर वहां, बड़े भारी खर्चे पर, उस अस्थाई स्टेडियम इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रॉप-इन पिचों का इस्तेमाल किया था, जो पारंपरिक तौर पर क्रिकेट से जुड़े नहीं थे। बाद में सब तोड़ दिए गए और सारा इनवेस्टमेंट बेकार गया। जापान ने एक अलग रास्ता अपनाया- एक नया क्रिकेट स्टेडियम बनाने के बजाय मौजूदा बेसबॉल फ़ैसिलिटी को ही क्रिकेट की जरूरत पूरा करने में बदल दिया। अगर कोरोगी एक नियमित क्रिकेट वेन्यू बना रहा तो ये एशियन गेम्स, मेडल और यादों से कहीं ज़्यादा कीमती चीज जापान के लिए पीछे छोड़ जाएंगे: वह क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर जो वहां क्रिकेट को बढ़ावा देगा। यही बात कोरोगी एथलेटिक पार्क की चर्चा में सबसे ख़ास है।

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार