(29 जुलाई CRICKETNMORE) इंग्लैंड के खिलाफ भारत 1 अगस्त से 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज एजबेस्टन के मैदान पर करेगा। विराट कोहली की अगुवाई में भारत पहली बार इंग्लैंड की सरजमीं पर कोई टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगा।
बात करते है इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे सफल भारतीय कप्तान के बारे में जिन्होंने अपनी कप्तानी से इंग्लैंड की धरती पर इतिहास रचा है।
अजित वाडेकर
साल 1971 में भारतीय टीम के कप्तान रहे अजित वाडेकर ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज दोनों के खिलाफ उन्हीं की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती थी। भारतीय टीम के कप्तान बनने एक बाद वाडेकर को शुरुआती 8 मैच विदेशी सरजमीं पर खेलने को मिले जिसमें भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले 2 टेस्ट मैच ड्रा पर खत्म किया और भारत ने यह टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम करने में सफलता पाई थी।
इंग्लैंड की धरती पर भारत की इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में यह पहली ऐतिहासिक जीत थी।
भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव ने साल 1986 में अपनी कमाल कप्तानी का नमूना पूरी दुनिया को दिखाया। उस साल 3 टेस्ट मैचों की सीरीज को भारत ने 2-0 से अपने नाम किया।
उस सीरीज के पहले टेस्ट में कपिल देव ने पहली पारी में 52 रन देकर इंग्लैंड के 4 विकेट चटकाए थे। उन चार विकेटों में इंग्लैंड के पहले तीन बल्लेबाज ग्राहम गूच, टिम रॉबिंसन तथा डेविड गोवर मौजूद थे। साथ ही कपिल देव ने उस मैच में 18 गेंदों पर फटाफट 23 रन भी बनाए थे। कपिल को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मन ऑफ़ द मैच के ख़िताब से नवाजा गया।
भारत के सफल कप्तानों में से एक रहे सौरव गांगुली ने साल 2002 में अपनी कप्तानी में इंग्लैंड को नेटवेस्ट सीरीज में पटखनी दी थी और आगामी टेस्ट सीरीज में भी अपनी कप्तानी का दम दिखाया।
लॉर्ड्स के मैदान पर पहला टेस्ट मैच हारने के बाद भारत ने हेडिंग्ले के मैदान पर एक यादगार जीत हासिल की। मैच में गांगुली ने शानदार 128 रन बनाये तो वहीं नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरे राहुल द्रविड़ ने बेहतरीन 148 रन बनाते हुए भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। यह टेस्ट सीरीज 1-1 पर बराबरी पर रही।
टीम इंडिया के दीवार कहे जाने वाले मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ की कप्तानी में भारत ने साल 2007 में पूरे 21 साल बाद इंग्लैंड की धरती पर कोई टेस्ट सीरीज जीती थी। ट्रेंट ब्रिज में खेल गए टेस्ट मैच में भारत के ज़हीर खान ने बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 59 रन देते हुए कुल 4 विकेट चटकाए तो वही दूसरी पारी में 5 विकेट झटके।
जहीर के शानदार प्रदर्शन से भारत ने मैच में 7 विकेट की दमदार जीत हासिल की और यह सीरीज भारत ने 1-0 से अपने नाम कर सफलता का नया इतिहास लिखा।