राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के एक क्रिकेटर का नाम है रियान पराग (Riyan Parag)- टीम के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज तो रिकॉर्ड भी वैसा ही होना चाहिए। 2022 आईपीएल सीजन तक रिकॉर्ड- 47 मैच की 37 पारी में 17 से भी कम औसत से 522 रन। 2023 सीजन के पहले 3 मैच में रिकॉर्ड- 29 गेंद में 34 रन यानी कि 10 अप्रैल 2023 तक आईपीएल रिकॉर्ड- 50 मैच में 556 रन 16.35 औसत और 124.38 स्ट्राइक रेट से जिसमें

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50 के दो स्कोर। अब कुछ फैक्ट नोट कीजिए :

* जिन्हें बल्लेबाज गिनते हैं और 50 आईपीएल मैच खेले- उसमें ये किसी के भी सबसे कम रन हैं। 

* बल्लेबाजी की सबसे घटिया औसत रियान की। 

* उन 12 क्रिकेटरों में से एक जिन्होंने अपने पहले 50 आईपीएल मैच में 50 वाले 2 या इससे भी कम स्कोर बनाए।  

अब ये अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि ये सवाल चर्चा में क्यों है कि इतने साधारण से रिकॉर्ड वाला 50 आईपीएल मैच कैसे खेल गया और मजे की बात ये कि अभी भी टीम के नियमित क्रिकेटरों में से एक। ये आईपीएल के सबसे बड़े रहस्य में से एक है। बड़ी मजेदार और अनोखी स्टोरी है ये आईपीएल की।  

भारत की 2018 अंडर19 विश्व कप विजेता टीम के खिलाड़ी रियान पराग को राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2019 से पहले की नीलामी के तीसरे और आखिरी राउंड में बेस प्राइस 20 लाख रुपये में खरीदा। वे उससे पहले टीम नेट्स पर बल्लेबाजी कर चुके थे लेकिन टीम की पहली पसंद नहीं थे- तभी तो पहले दो राउंड में किसी ने नहीं खरीदा था। बिना कुछ ख़ास किए, आरआर टीम में जम गए और फिनिशर तक गिने गए। आरआर ने आईपीएल 15 से पहले की मेगा नीलामी में रुपये में वापस खरीदा- इस बार 3.8 करोड़ रुपये में। जवाब में 138.64 स्ट्राइक-रेट से सिर्फ 183 रन बनाए। तब भी 2023 सीज़न से पहले, फ्रैंचाइज़ी ने रिटेन किया- नतीजा वही है। सबसे ख़ास बात ये है कि सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित क्रिकेटरों में से एक। 

पिछले सीजन में साइमन डूल ने टीम को उनके खेलने से हो रहे नुकसान की चर्चा करते हुए कह दिया कि सोशल मीडिया उनके लगातार खेलने के लिए जिम्मेदार है तो डूल की ऐसी खबर ली गई जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। इससे बहरहाल ये पहेली नहीं सुलझती कि आरआर टीम में इतने साधारण रिकॉर्ड वाले क्रिकेटर की जगह कैसे बन रही है? इतना साधारण सा रिकॉर्ड और तब भी एक टीम का उन पर पूरा भरोसा। उस पर रियान पराग कहते हैं कि वह भारतीय क्रिकेट में सबसे महान फिनिशर बनना चाहते हैं। इतना ही नहीं इस युवा खिलाड़ी में इतना जोश कि मार्कस स्टोइनिस द्वारा लपके कैच को न मानने पर थर्ड अंपायर का मजाक उड़ाया और एक रन आउट के दौरान सीनियर आर अश्विन से गुस्सा हो गए।  

मदन लाल को लगता है पराग उन कुछ खिलाड़ियों में से एक है जिनके खेल में कोई सुधार नहीं- तब भी आईपीएल में एक सीज़न से दूसरे सीज़न में खेलने का सिलसिला जारी है। आईपीएल 2019- 7 मैचों में 160 रन, 2020 में 12 मैचों में 86 रन, 2021 में 11 मैचों में 93 रन बनाए और 2022 में 17 मैचों में 183 रन। पराग को जितने मौके मिले- और किसी को नहीं मिले पर कोई सुधार नहीं क्रिकेट में। इस बात को इस तरह से भी कह सकते हैं कि पराग में टैलेंट तो है पर उस हिसाब से खेल नहीं रहे। 

खून में खेल हैं। आईपीएल डेब्यू पर, चेन्नई सुपर किंग्स के विरुद्ध, रियान का कैच लपका एमएस धोनी ने और इतिहास ये कि जब धोनी ने बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में 1999-00 में डेब्यू किया था तो लीग में असम के विरुद्ध मैच में भी एक पराग नाम के खिलाड़ी के विरुद्ध खेले थे और ये और कोई नहीं रियान के पिता थे। वे पराग दास के नाम से खेलते थे- दाएं हाथ के बल्लेबाज और मीडियम पेस गेंदबाज। रियान की की मां मिठू बरूआ एक इंटरनेशनल  तैराक।

 रियान को मालूम है कि उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है पर अब वे इसकी चिंता नहीं करते। सबसे ख़ास बात ये कि रॉयल्स ने हमेशा उनका समर्थन किया है। वे कहते हैं- 'टीम मेरी भूमिका को समझती  है। यह कितनी मुश्किल है- ये टीम और मेरे बीच है। कोई नहीं जानता कि वहां क्या चल रहा है और मैं क्या करता हूं या टीम मुझे क्यों समर्थन दे रही है? मुझे पता है कि मैं भारत के लिए खेलूंगा और मैं करूंगा।'

समय बताएगा कि क्या हुआ ?
 

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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