2001 में रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म 'लगान: वन्स अपॉन ए टाइम इन इंडिया (Lagaan: Once Upon a Time in India)' क्लासिक है और इसकी कई वजह हैं। फिल्म रिलीज की सिल्वर जुबली में दो साल से कम का समय बचा है पर जश्न का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इसमें क्रिकेट की बदौलत कई संदेश दिए गए और इसीलिए ये ख़ास बन गई। क्रिकेट इसमें एक ख़ास बात है और आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि फिल्म बनाने के दौरान या इसके रिलीज होने से पहले, फिल्म यूनिट ने पता ही नहीं लगने दिया कि स्टोरी का ताना-बाना क्रिकेट के इर्द-गिर्द बुना गया है। फिल्म के किसी भी ट्रेलर, टीवी प्रमोशन और विज्ञापन में क्रिकेट के बारे में कोई बात नहीं की गई। इसीलिए जब फिल्म में क्रिकेट देखी तो सब हैरान रह गए।
   
डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर की इस फिल्म की कहानी हर भारतीय के दिल को छू गई। इसमें 1893 में क्रिकेट खेले जबकि भारत में क्रिकेट उसके कई साल बाद डेवलप हुआ पर चूंकि इस फिल्म के रिलीज होने के समय क्रिकेट भारत में सबसे लोकप्रिय खेल था- इसलिए फिल्म से जुड़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई। फिल्म की सफलता में, उसमें खेली क्रिकेट का बड़ा ख़ास योगदान रहा।  

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इसीलिए अगर 49वें नेशनल फिल्म अवार्ड में, 'लगान' को सबसे बेहतर फिल्म सहित कुल 8 अवार्ड मिले तो कोई हैरानी की बात नहीं। इसी मौके पर फिल्म की कुछ ख़ास क्रिकेट बातों का जिक्र जिनके बारे में कभी कुछ नहीं बताया गया। 

मैच के दौरान जो दर्शक अलग-अलग शॉट, कैच, और किसी तरह विकेट गिरने या फील्डिंग के वक्त दिखाए, वे गिनती में लगभग 10 हजार थे और उन्हें लाए थे पड़ोसी गांवों से। उनके बीच फिल्म के एक्स्ट्रा बिठाए। मजेदार बात ये है कि फिल्म में इन दर्शकों के खुश होने, उछलने और शोर मचाने के जो नज़ारे आपने देखे, वे वास्तव में क्रिकेट देखने के नहीं थे। इस हजारों की भीड़ को कोई क्रिकेट मैच देखने नहीं, ख़ास तौर पर आमिर खान के 'आती क्या खंडाला' गाने पर मुफ्त डांस देखने के लिए इकट्ठा किया था। वे इस और अन्य कुछ गाने के दौरान खुश हो रहे थे और फिल्म में इसी को क्रिकेट मैच में फिट कर दिया। 

इस फिल्म में जो क्रिकेट मैच दिखाया वह 3 दिन का, पर एक इनिंग वाला मैच था जबकि वास्तव में क्रिकेट में इस स्टोरी के कई साल बाद एक इनिंग वाले मैच आए। उस समय तक एक इनिंग वाले मैच कतई चर्चा में नहीं थे। ये गांव भुज के आस-पास का दिखाया और संयोग ये है कि भारत ने अपना पहला एक इनिंग वाला इंटरनेशनल, भुज से 350 किमी दूर, पर उसी गुजरात स्टेट में अहमदाबाद में खेला 25 नवंबर 1981 को और तब भी दूसरी टीम इंग्लैंड थी।  

और एक मजेदार बात ये कि इस फिल्म को सबसे पहले किस क्रिकेटर ने देखा और उनका रिएक्शन क्या था? आप ये जानकार हैरान रह जाएंगे कि आज तक आमिर खान ने जिन भी फिल्म को प्रोड्यूस किया है या जो भी फिल्म उनके प्रोडक्शन हाउस के बैनर में बनी है, वे उसे ऑफिशियल रिलीज से पहले देखने के लिए सचिन तेंदुलकर को जरूर बुलाते हैं। ये सिलसिला आज तक चला आ रहा है और अपने एक नए इंटरव्यू में सचिन तेंदुलकर ने ये जिक्र भी किया कि उन्होंने 'लापता लेडीज' को रिलीज होने से पहले देखा था। 

संयोग से जब सचिन तेंदुलकर इस फिल्म को रिलीज से पहले देखने आए तो साथ में रवि शास्त्री को भी लाए थे- आमिर खान ने तब तक उन्हें फिल्म में क्रिकेट के बारे में कुछ नहीं बताया था। आमिर साथ बैठे और फिल्म शुरू होने के बाद भी क्रिकेट का कोई जिक्र नहीं किया। आमिर के शब्दों में- 'जब फिल्म में क्रिकेट मैच शुरू हुआ तो ये दोनों क्रिकेटर, जो खुद कई रोमांचक इंटरनेशनल मैच खेले हैं, फिल्म वाले क्रिकेट मैच में 'डूब' ही गए। सचिन तो अपने नाखून चबा रहे थे और जैसे ही पहला विकेट गिरा तो सचिन और रवि दोनों अपनी सीट से उछल पड़े थे।'

ये देखकर ही आमिर को विश्वास हो गया कि अगर इन बड़ी क्रिकेट खेलने वालों को फिल्म का क्रिकेट मैच इतना रोमांचित कर रहा है तो सिनेमा हाल में, फिल्म देखने वालों को भी खूब रोमांचित करेगा। फिल्म की और भी कई 'क्रिकेट स्टोरी' हैं।
 

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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