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How India Finally Won an ODI Toss: विशाखापट्टनम में भारत बनाम साउथ अफ्रीका तीसरा वनडे शुरू होने से पहले ही, एक बड़ा अजीब नजारा देखने को मिला। भारत के कप्तान केएल राहुल बेहद खुश, हंसते हुए और खुशी में हवा में हाथ लहरा रहे थे। डग आउट में भी भारत के क्रिकेटर बड़े खुश। ऐसा क्या खास हुआ था कि इतनी खुशी? असल में ये वनडे में ये 21वीं कोशिश में पहला टॉस जीतने की खुशी थी। इससे पहले, आखिरी बार 15 नवंबर, 2023 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के विरुद्ध वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में टॉस जीता था।

सवाल ये नहीं है कि वनडे में लगातार 20 टॉस हारने से भारत के मैच रिकॉर्ड पर क्या असर पड़ा? चर्चा तो ये थी कि क्या भारत के कप्तान रोहित शर्मा (इन 20 में से 12 मैच), केएल राहुल (5) और शुभमन गिल (3) टॉस जीतने की आर्ट नहीं जानते? इन 20 में से भारत ने 12 वनडे जीते और एक टाई रहा। विशाखापट्टनम के इस जीते टॉस के बारे में, क्या आप ये जानते हैं:

* पूर्व खिलाड़ी और अब टीवी एक्सपर्ट मुरली कार्तिक ने राहुल को टॉस से जुड़ी कुछ खास टिप्स दी थीं।

* किस्मत बदलने के लिए किए जा रहे बदलाव की लिस्ट में इस बार ख़ास ये था कि राहुल ने सिक्का बांए हाथ से उछाला और ये ट्रिक काम कर गई।

* खुद राहुल ने बताया कि टीम एनालिस्ट कॉनर मैकग्रेगर ने भी उन्हें टॉस में मदद के लिए कुछ ट्रिक्स बताई थीं।

सिर्फ टॉस जीतने के लिए इतनी स्ट्रेटेजी और प्लानिंग? असल में, ये एक पहेली सा बन गया था कि भारत के कप्तान वनडे में टॉस क्यों नहीं जीत रहे? रायपुर में जब वनडे में लगातार 20वीं बार टॉस हारे थे तब भी राहुल ने टॉस से पहले एक खास ट्रिक आजमाई थी- इस बार सिक्का उछालने से पहले उसे चूमा पर कोई फायदा नहीं हुआ।

इस टॉस हारने के दौर में वैसे एक व्यक्ति भारत के कप्तानों की मदद कर सकता था पर वे अब इस दुनिया में रहे नहीं। नाम था ईएम ग्रेस, इंग्लैंड के मशहूर क्रिकेटर डा.डब्ल्यूजी ग्रेस के भाई। एरिक मिडविंटर ने अपने संकलन, 'डब्ल्यूजी ग्रेस: हिज लाइफ एंड टाइम्स (WG Grace:His Life and Times)' में लिखा है कि ईएम ग्रेस ने एक बार एक सीजन में 40 में से 38 टॉस जीते और उनका दावा था कि वे अपनी पैनी नजर से हवा में स्पिन कर रहे सिक्के को देख लेते थे और उसी के हिसाब से कॉल करते थे।

टॉस न जीतने का दबाव टीम इंडिया पर ऐसा बन गया था कि रायपुर में राहुल ने टीवी प्रेजेंटर रवि शास्त्री से बात करते हुए कहा, 'दबाव मैंने महसूस किया है। हम लंबे समय से टॉस नहीं जीत रहे। मैंने टॉस की बड़ी प्रैक्टिस की पर कोई भी ट्रिक काम नहीं कर रही।' ब्रॉडकास्टर ने ऐसे मुकाम पर दिखाने के लिए रिकॉर्ड पहले ही तैयार कर रखा था: इसके अनुसार भारत का लगातार 20 टॉस हारना ख़राब किस्मत का दोष नहीं क्योंकि आंकड़े ऐसी सोच को सपोर्ट नहीं करते। 10,48,576 बार टॉस करो तो सिर्फ एक बार ही लगातार 20 टॉस हारने की संभावना बनती है। तो क्या ये 'एक संभावना' ही टीम इंडिया के हिस्से में आ गई? इतनी ख़राब किस्मत!

भारत के वनडे में लगातार 20 टॉस हारने के रिकॉर्ड के बाद दूसरे नंबर पर नीदरलैंड है और वे वनडे में मार्च 2011 से अगस्त 2013 के बीच 11 टॉस हारे। इनमें से वे सिर्फ 3 वनडे जीते, एक मैच रद्द और एक टाई शामिल है। मजेदार बात ये कि अब सिर्फ़ वनडे नहीं, टेस्ट में भी लगातार सबसे ज्यादा टॉस हारने का रिकॉर्ड टीम इंडिया का है। दिसंबर 2009 से अक्टूबर 2010 के बीच लगातार 10 टॉस हारे थे। तीनों फॉर्मेट में कुल मिलाकर भी भारत 'चैंपियन' क्योंकि जनवरी और जुलाई 2025 के बीच लगातार 15 टॉस हारे। इसमें इस साल इंग्लैंड में सभी 5 टेस्ट में टॉस हारना शामिल है।

एक और अजीब बात ये कि भारत ने नवंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच लगातार 11 टॉस हारे और इसमें साउथ अफ्रीका टूर पर सभी 7 टॉस (2 टी20 इंटरनेशनल+3 वनडे+ 2 टेस्ट) हारना शामिल है। 1999 में वेस्टइंडीज की टीम सभी फॉर्मेट में लगातार 12 टॉस हारी थी। सिर्फ कप्तान का अपना रिकॉर्ड देखें तो तो रोहित शर्मा टॉप पर और 19 नवंबर 2023 (वर्ल्ड कप फाइनल) से 9 मार्च 2025 (चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल) के बीच लगातार 12 टॉस हारे थे। ब्रायन लारा भी 31 अक्टूबर 1998 से 21 मई 1999 के बीच 12 टॉस हारे थे।

वैसे टॉस ट्रिक के मामले में भारत के एक कप्तान की स्टोरी बड़ी मजेदार है। लाला अमरनाथ एक बार लगातार 10 टेस्ट में टॉस हारे थे! इसमें भारत के 1947-48 के ऑस्ट्रेलिया टूर के सभी 5 टॉस शामिल हैं। मेलबर्न में आखिरी टेस्ट से पहले, वहां के एक अखबार ने एक मजेदार खबर छापी जिसमें लिखा था कि पहले चार टेस्ट में टॉस हारने के बाद लाला अमरनाथ टॉस की अलग से प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में ये भी लिखा था कि वे कहीं से एक 'लकी' सिक्का ले आए हैं। इस से बहरहाल कोई फर्क नहीं पड़ना था क्योंकि मेजबान टीम का कप्तान होने के नाते मेलबर्न के आखिरी टेस्ट में भी सिक्का तो ब्रैडमैन को ही उछालना था। ये संभव है कि अपनी टॉस प्रैक्टिस के दौरान, लाला अमरनाथ, डॉन की तरह ही सिक्का पकड़ते रहे।

चरनपाल सिंह सोबती

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Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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