फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले अमेरिका के लिए अच्छी खबर आई है। फीफा ने इस विश्व कप में टीम की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन पर लगे एक मैच के बैन को हटा दिया है।

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बालोगुन राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम के खिलाफ होेन वाले मुकाबले में अब खेलते नजर आएंगे। राउंड ऑफ 32 के मैच में, जब अमेरिका ने जीत हासिल की थी, तब फोलारिन बालोगुन ने बोस्निया-हर्जेगोविना के डिफेंडर तारिक मुहरेमोविक के खिलाफ फाउल किया था। इस गलती के कारण उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया था।

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अमेरिकी सॉकर ने बताया कि यह फैसला फीफा के अनुशासनात्मक संहिता के आर्टिकल 27 के तहत लिया गया है। इसके अनुसार, फीफा की अनुशासन से जुड़ी संस्थाओं को यह अधिकार है कि वे किसी खिलाड़ी पर लगी सजा (जैसे सस्पेंशन) को अस्थायी रूप से रोक सकते हैं। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पिछले मैच में बालोगुन को रेड कार्ड मिलने के बाद जो एक मैच का बैन लगाया गया था, उसे फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है।

फीफा ने अपने बयान में कहा कि स्वचालित एक मैच का बैन एक साल के लिए सस्पेंड रहेगा।अमेरिका मेंस नेशनल टीम के हवाले से एक बयान में कहा गया, "फीफा अनुशासनात्मक संहिता के आर्टिकल 27 के अनुसार, मैच सस्पेंशन को एक साल के प्रोबेशन पीरियड के लिए सस्पेंड किया जाता है। अगर फोलारिन बालोगुन प्रोबेशन पीरियड के दौरान इसी तरह और गंभीरता का कोई और उल्लंघन करते हैं, तो सस्पेंशन रद्द कर दिया जाएगा और नए उल्लंघन के लिए लगाए गए किसी भी अतिरिक्त जुर्माने पर बिना किसी नुकसान के सजा लागू की जाएगी।"

हालांकि, रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन (आरबीएफए) ने इस बारे में बयान जारी किया और कहा कि वह फीफा के फैसले से हैरान है और जवाब में सभी संभावित विकल्प की जांच कर रहा है। फीफा ने यह फैसला अपने अनुशासनात्मक संहिता के आर्टिकल 27 के आधार पर लिया है। इस नियम के अनुसार फीफा की अनुशासन समिति को यह अधिकार होता है कि वह पहले दी गई किसी सजा (जैसे सस्पेंशन या बैन) को तुरंत लागू होने से रोक सकती है। यानी अगर किसी खिलाड़ी पर बैन लगाया गया है, तो फीफा उसे कुछ परिस्थितियों में अस्थायी रूप से टाल सकता है।

बेल्जियम फुटबॉल एसोसिएशन का कहना है कि फीफा का यह फैसला उसके अपने ही नियमों से टकरा रहा है। उनके मुताबिक, फीफा अनुशासनात्मक संहिता के आर्टिकल 66.4 में साफ लिखा है कि अगर किसी खिलाड़ी को रेड कार्ड मिलता है, तो वह अपने आप अगले मैच में नहीं खेल सकता। यही नियम अब तक वर्ल्ड कप में सभी मामलों में लागू भी किया गया है। इसके अलावा, वर्ल्ड कप 2026 की प्रतियोगिता नियमों के आर्टिकल 10.5 में भी यही बात कही गई है कि रेड कार्ड पाने वाला खिलाड़ी अगले मैच से स्वतः बाहर हो जाता है। इस पर अलग से किसी फैसले की जरूरत नहीं होती।

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हालांकि, रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन (आरबीएफए) ने इस बारे में बयान जारी किया और कहा कि वह फीफा के फैसले से हैरान है और जवाब में सभी संभावित विकल्प की जांच कर रहा है। फीफा ने यह फैसला अपने अनुशासनात्मक संहिता के आर्टिकल 27 के आधार पर लिया है। इस नियम के अनुसार फीफा की अनुशासन समिति को यह अधिकार होता है कि वह पहले दी गई किसी सजा (जैसे सस्पेंशन या बैन) को तुरंत लागू होने से रोक सकती है। यानी अगर किसी खिलाड़ी पर बैन लगाया गया है, तो फीफा उसे कुछ परिस्थितियों में अस्थायी रूप से टाल सकता है।

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उनका कहना है कि फीफा वर्ल्ड कप और आने वाले टूर्नामेंटों में सभी टीमों के अधिकारों की सुरक्षा और खेल में “फेयर प्ले” यानी निष्पक्षता बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसी कारण अगर उन्हें लगता है कि फैसला नियमों के खिलाफ है, तो वे आगे कार्रवाई करने या शिकायत करने जैसे सभी संभावित रास्ते तलाशेंगे।

Article Source: IANS

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