फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में रविवार को स्पेन और अर्जेंटीना की भिड़ंत होनी है। इस बड़े मुकाबले से पहले इंग्लैंड के पूर्व स्टार स्ट्राइकर रॉबी फाउलर का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और खेल के आधार पर स्पेन खिताब का प्रबल दावेदार नजर आ रहा है।
फाउलर ने 'जी5' के साथ बात करते हुए कहा कि पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने सबसे प्रभावशाली फुटबॉल खेला है। पूर्व स्ट्राइकर के अनुसार, स्पेन सिर्फ गेंद पर कब्जा बनाए रखने के लिए नहीं खेलता, बल्कि हर पास और हर मूव के पीछे एक स्पष्ट रणनीति होती है। टीम तेजी से गेंद को आगे बढ़ाती है, विरोधी टीम की रक्षा पंक्ति को तोड़ती है और सही समय पर आक्रमण करती है।
उन्होंने कहा कि स्पेन की सबसे बड़ी ताकत उसकी तकनीकी क्षमता और अनुशासित खेल है। खिलाड़ी मैदान पर अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझते हैं और जानते हैं कि कब खेल की रफ्तार बढ़ानी है और कब उसे नियंत्रित रखना है। यही कारण है कि स्पेन पूरे टूर्नामेंट में बाकी टीमों से अलग नजर आया है।
हालांकि, फाउलर ने यह भी माना कि अर्जेंटीना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत उसका जुझारूपन और कभी हार नहीं मानने वाला रवैया है। टीम मुश्किल परिस्थितियों में भी वापसी करना जानती है और यही वजह है कि वह लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची है।
फाउलर ने कहा कि यह मुकाबला इसलिए भी खास होगा, क्योंकि दोनों टीमों की खेलने की शैली अलग है। एक तरफ स्पेन तकनीकी रूप से बेहद मजबूत है, जबकि दूसरी तरफ अर्जेंटीना जुनून, आत्मविश्वास और बड़े मैचों का अनुभव लेकर मैदान में उतरेगा। पूर्व इंग्लिश खिलाड़ी के मुताबिक, यही वजह है कि फाइनल बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
फाउलर ने स्पेन की बॉल पजेशन शैली की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कई टीमें सिर्फ गेंद अपने पास रखने पर ध्यान देती हैं, लेकिन स्पेन ऐसा नहीं करता। स्पेन का हर पास विरोधी टीम के डिफेंस को तोड़ने और गोल करने का मौका बनाने के लिए होता है। टीम के खिलाड़ी खाली जगह तलाशने में माहिर हैं और खेल की दिशा को तेजी से बदल सकते हैं।
फाउलर का मानना है कि फाइनल में स्पेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी होंगे। उन्होंने कहा कि मेसी को थोड़ी भी जगह देना किसी भी टीम के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें गेंद के साथ समय और जगह मिल जाती है तो वह अकेले मैच का नतीजा बदल सकते हैं।
पूर्व खिलाड़ी ने इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच खेले गए सेमीफाइनल का उदाहरण देते हुए कहा कि इंग्लैंड ने लंबे समय तक मेसी को रोककर रखा था, लेकिन जैसे ही उन्हें थोड़ी जगह मिली, उन्होंने पूरे मैच का रुख बदल दिया। इसी वजह से स्पेन को शुरुआत से ही मेसी पर कड़ी नजर रखनी होगी और उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं देना होगा।
जब उनसे पूछा गया कि मेसी को रोकने के लिए स्पेन को हाई प्रेस करना चाहिए या डिफेंसिव खेल अपनाना चाहिए, तो फाउलर ने कहा कि इसका कोई एक तय तरीका नहीं है। उनके अनुसार, पूरे 90 मिनट तक एक जैसी रणनीति नहीं अपनाई जा सकती। मैच की स्थिति के अनुसार कभी आक्रामक अंदाज में दबाव बनाना होगा तो कभी डिफेंस को मजबूत रखना होगा। सबसे जरूरी बात यह होगी कि मेसी को उन जगहों पर खेलने का मौका न मिले, जहां वह सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं।
फाउलर ने स्पेन के युवा स्टार लामिन यामल की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यामल ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और वह सही समय पर अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नजर आ रहे हैं। फाउलर का मानना है कि फाइनल में मेसी और यामल दोनों ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच का नतीजा तय कर सकते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि मेसी को रोकने के लिए स्पेन को हाई प्रेस करना चाहिए या डिफेंसिव खेल अपनाना चाहिए, तो फाउलर ने कहा कि इसका कोई एक तय तरीका नहीं है। उनके अनुसार, पूरे 90 मिनट तक एक जैसी रणनीति नहीं अपनाई जा सकती। मैच की स्थिति के अनुसार कभी आक्रामक अंदाज में दबाव बनाना होगा तो कभी डिफेंस को मजबूत रखना होगा। सबसे जरूरी बात यह होगी कि मेसी को उन जगहों पर खेलने का मौका न मिले, जहां वह सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं।
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फाउलर ने माना कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उनकी पसंद अर्जेंटीना थी, क्योंकि वह मौजूदा विश्व चैंपियन है। हालांकि, पूरे टूर्नामेंट में स्पेन के प्रदर्शन ने उनकी राय बदल दी। उन्होंने कहा कि स्पेन ने निरंतर अच्छा खेल दिखाया है, मुश्किल मुकाबलों में संयम बनाए रखा है और शानदार गेम मैनेजमेंट का परिचय दिया है। पूर्व खिलाड़ी के मुताबिक, स्पेन ने यह साबित किया है कि उसके पास तकनीकी गुणवत्ता, मजबूत रणनीति और जीतने का जज्बा है। यही वजह है कि वह स्पेन को फीफा वर्ल्ड कप 2026 जीतने का सबसे बड़ा दावेदार मानते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अर्जेंटीना जैसी अनुभवी टीम के खिलाफ कोई भी मुकाबला आसान नहीं होता और फाइनल में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।