एशियन गेम्स 2026 में भारत के चौथे स्थान पर रहने के बाद केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफएस) से भारत के खेल प्रदर्शन के लिए और अधिक जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। कई राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रमुखों के साथ बातचीत करते हुए खेल मंत्री ने भारत की खेल उत्कृष्टता को बनाए रखने के लिए आपसी तालमेल के साथ काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉ. मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को केवल कुछ पदक विजेताओं पर निर्भर रहने के बजाय चैंपियनों की एक निरंतर श्रृंखला (पाइपलाइन) तैयार करने की आवश्यकता है। खेल मंत्री ने कहा, "मीराबाई चानू कब तक अकेले हमारे लिए पदक जीतती रहेंगी? हमें 10 और मीराबाई चानू तैयार करने की जरूरत है। हर महासंघ को इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लेना चाहिए। हमें प्रतिभाओं की पहचान करनी होगी, उन्हें सही प्रशिक्षण देना होगा और ऐसा माहौल बनाना होगा जिसमें एथलीट सर्वोच्च स्तर तक पहुंच सकें।"

उन्होंने ऐसे एथलीटों की पहचान करने और उन्हें विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो आने वाले समय में भी भारत के लिए पदक जीतने के लक्ष्य को बनाए रख सकें। गुरुवार को आयोजित राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफएस) की बैठक में एशियन गेम्स में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। साथ ही, लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और दोहा में होने वाले एशियन गेम्स 2030 की तैयारियों का आकलन भी किया गया। इस बैठक में शूटिंग, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, तीरंदाजी, स्क्वैश, वुशू सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

डॉ. मांडविया ने खेल मनोवैज्ञानिकों, खेल विज्ञान विशेषज्ञों और उच्च-स्तरीय मानसिक प्रशिक्षकों (मेंटल ट्रेनर्स) की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिस्पर्धा करते समय एथलीटों का ध्यान भटकने जैसी समस्याओं को कम किया जा सके। उन्होंने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों से आग्रह किया कि वे अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन करें, एथलीटों की तैयारियों को मजबूत करें, पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करें और अपने प्रदर्शन तथा प्रशासन में मौजूद कमियों का ईमानदारी से आकलन करें।

इस बैठक में 'खेलो इंडिया' के संयुक्त सचिव विनील कृष्णा ने 'खेलो इंडिया' योजना और राष्ट्रीय खेल महासंघों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा की, जबकि कर्नल एन.एस. ने भी अपने विचार रखे। टॉप्स के सीईओ जोहल ने आइची-नागोया एशियन गेम्स के प्रदर्शन की समीक्षा की और लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 की तैयारियों का जायजा लिया। इस सम्मेलन में 'नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन्स (एनएसएफ) को सहायता' (एएनएसएफ) से जुड़ी संशोधित गाइडलाइंस की पुस्तिका भी जारी की गई।

युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने सभी फेडरेशन्स से कहा कि वे अपने काम को 'खेलो इंडिया मिशन' के विजन के अनुरूप ढालें। रक्षा खडसे ने कहा, "हर एनएसएपी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य और जिला स्तर के फेडरेशन्स भी मौजूद हों और प्रभावी ढंग से काम कर रहे हों। प्रतिभाओं की पहचान करने के साथ-साथ, इस काम को भी पूरी लगन से किया जाना चाहिए। प्रतिभा की पहचान करना तो बस इस प्रक्रिया का एक हिस्सा है; अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने के लिए एथलीट्स को सही ट्रेनिंग और सपोर्ट मिलना भी जरूरी है।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिभाओं की पहचान करने की जिम्मेदारी के साथ-साथ, एनएसएफएस को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य और जिला स्तर के फेडरेशन्स ठीक से काम कर रहे हों। उन्होंने आगे कहा, "सबके सामूहिक प्रयासों से ही हम एथलीट्स की तैयारियों को मजबूत कर सकते हैं, प्रतिभाओं के लिए एक बेहतर रास्ता बना सकते हैं और भारत की मेडल टैली (पदक तालिका) को बढ़ा सकते हैं।"

खेल सचिव हरि रंजन राव ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 में दोहा में होने वाले एशियन गेम्स में शीर्ष तीन देशों में शामिल होना चाहिए। इसके साथ ही, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030, जिनकी मेजबानी भारत करने वाला है, उन्हें एक बड़ी राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "हमें दोहा एशियन गेम्स में तीसरे स्थान पर रहने की कोशिश करनी चाहिए। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स में हमें 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के अपने ही रिकॉर्ड को तोड़कर शीर्ष तीन में जगह बनानी होगी। हम इन खेलों की मेजबानी कर रहे हैं, इसलिए हर एनएसएफ को इस प्रतियोगिता को गंभीरता से लेना चाहिए और उसी के अनुसार तैयारी करनी चाहिए। हमें इसे एक चुनौती के रूप में लेना चाहिए और अभी से इसके लिए काम शुरू कर देना चाहिए।"

खेल सचिव हरि रंजन राव ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 में दोहा में होने वाले एशियन गेम्स में शीर्ष तीन देशों में शामिल होना चाहिए। इसके साथ ही, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030, जिनकी मेजबानी भारत करने वाला है, उन्हें एक बड़ी राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए।

Also Read: LIVE Cricket Score

Article Source: IANS

लेखक के बारे में

IANS News
IANS is one of the largest independent private Indian news agency in India. Founded in the year 1986 by Indian American publisher Gopal Raju as the "India Abroad News Service" and later renamed. Their main offices are located in Noida, Uttar Pradesh. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार