ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित पेसापालो विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर लौटे हिमाचल प्रदेश के रामशहर क्षेत्र की पंजलू पंचायत के निवासी अंकुश ठाकुर का नालागढ़ पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया।
जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर के रूप में कार्यरत अंकुश की उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने खुशी जाहिर करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। अंकुश के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने से उनके परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
2 से 5 अक्टूबर तक आयोजित इस विश्व कप में 12 देशों की टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें भारतीय टीम ने चौथा स्थान हासिल किया। हिमाचल प्रदेश से अंकुश ठाकुर और प्रकाश ठाकुर भारतीय टीम का हिस्सा रहे। सिरमौर जिले के प्रकाश ठाकुर ने भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी की।
पेसापालो एसोसिएशन ऑफ हिमाचल प्रदेश के सचिव डॉ. रमेश राजपूत ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हिमाचल के खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रखने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हिमाचल के अधिक खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।
अंकुश ठाकुर के मामा रमेश कौशल ने अपने भांजे की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "अंकुश की मेहनत, लगन और समर्पण ने उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है। खेलों में रुचि रखने वाले युवा अपने सपनों को ऊंचा रखें और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करें। परिवार हमेशा अंकुश के साथ खड़ा है।"
जल शक्ति विभाग के नालागढ़ के एक्सईएन नीरज गुप्ता ने भी अंकुश को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अंकुश ठाकुर ने सरकार से मांग की कि पेसापालो खेल को भी अन्य खेलों की तरह खेल कोटे में शामिल किया जाए, ताकि खिलाड़ियों को उचित मान्यता और अवसर मिल सकें। इससे प्रदेश के अधिक युवा इस खेल से जुड़ सकेंगे और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रोशन कर सकेंगे।
जल शक्ति विभाग के नालागढ़ के एक्सईएन नीरज गुप्ता ने भी अंकुश को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
Also Read: LIVE Cricket Score
Article Source: IANS