भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने कहा है कि घुटने की गंभीर चोट के कारण क्रिकेट से दूर बिताए गए समय में उनकी सोच बदली। उन्हें धैर्य और हिम्मत में अटूट विश्वास बढ़ा।
बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) द्वारा शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएएनएस के एक सवाल के जवाब में भाटिया ने कहा, "मुझे लगता है कि जब मैं चोटिल हुई थी, वह समय मेरे लिए बहुत बुरा था। घर में हो रहा विश्व कप न खेल पाने से बुरा क्या होगा। इसके बाद एसीएल इंजरी की वजह से मैं महिला प्रीमियर लीग भी नहीं खेल पाई। रिहैब और बाकी सब चीजों से यह एक लंबा सफर था।"
उन्होंने कहा, "मुझे पता था कि अगर मैं प्रक्रिया को सही तरीके से फॉलो करती रही, तो मैं क्रिकेट में वापस आ पाऊंगी। मुझे लगता है कि इस सफर ने मुझे रिहैब के दौरान सब्र और हिम्मत रखना सिखाया। बेशक आपको परिणाम न दिखे, लेकिन प्रक्रिया वह चीज है जिस पर आपको टिके रहना है। आपको खुद पर यह भरोसा रखना होगा कि आप वापसी करेंगे।"