राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और मौजूदा गोलकीपर सविता पूनिया को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से 'पद्मश्री' पुरस्कार मिला। सविता ने इसका श्रेय अपने परिवार के समर्थन को देते हुए कहा है कि अगर वो यह उपलब्धि हासिल सकती हैं, तो देश की अन्य बेटियां भी यह कर सकती हैं।
भारत की सबसे मशहूर खेल हस्तियों में से एक सविता को महिला हॉकी की 'द ग्रेट वॉल' के नाम से जाना जाता है, जो लगातार तीन बार 'एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर' का अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
पद्मश्री अवॉर्ड पाने के बाद सविता पुनिया ने 'आईएएनएस' से कहा, "यह सम्मान अपने आप में बहुत बड़ा है। मैंने जब हॉकी खेलना शुरू किया था, तो कभी नहीं सोचा था कि मेरा सफर इतना लंबा होगा। मुझे इतने बड़े व्यक्तिगत सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह मेरे, मेरे परिवार और मेरी टीम के लिए बहुत बड़ी बात है। कई बार ऐसे हालात रहे, जब मुझे लगा कि हॉकी खेलना छोड़ना पड़ेगा, लेकिन परिवार के समर्थन के बाद मैंने हॉकी का सफर जारी रखा। जब एक लड़की होने के बावजूद मध्यमवर्गीय परिवार में आपको इतना समर्थन मिलता है, तो ये बेहद खास होता है। यह सभी के लिए एक शानदार उदाहरण है। अगर सविता ऐसा कर सकती है, तो अन्य बेटियां भी ऐसा कर सकती हैं।"