कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा था। भारतीय टीम ने रिकॉर्ड 7 स्वर्ण पदक जीते थे। इसमें पुरुष और महिला दोनों मुक्केबाजों ने स्वर्ण जीते थे। स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला मुक्केबाजों में एक नाम जैस्मिन लंबोरिया का भी था। लंबोरिया ने 57 किग्रा भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय और प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाली जैस्मिन लंबोरिया का जन्म 30 अगस्त 2001 को भिवानी, हरियाणा में हुआ था। भिवानी को 'लिटिल क्यूबा' के नाम से जाना जाता है। यह स्थान मुक्केबाजी का गढ़ है।
जैस्मिन के लिए मुक्केबाजी के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला आसान नहीं था। लड़की होने की वजह से उन्हें परिवार और समाज की रूढ़िवादी सोच से जूझना पड़ा, लेकिन एक बार सभी का विश्वास हासिल करने के बाद फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। जैस्मिन को अपने सफर में चाचा संदीप और परविंदर का भी बाद में साथ मिला, दोनों बॉक्सिंग में राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रहे हैं।