रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने इतिहास रच दिया है। वह ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने अमेरिका के सेंट लुइस में हुए फाइनल में फैबियानो कारुआना को 15-13 से हराया।
प्रज्ञानंद के लिए यह नतीजा खास रहा, क्योंकि फाइनल मुकाबले में शुरुआती बढ़त गंवाने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की। इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज, तीनों तरह की शतरंज में क्षमता की परीक्षा ली जाती है।अडानी ग्रुप द्वारा समर्थित इस भारतीय स्टार ने क्लासिकल चेस में 3-9 से हारने के बाद रैपिड सेक्शन में वापसी की और इसे 8-0 से जीता। इसके बाद ब्लिट्ज वर्शन में मुकाबला 4-4 से बराबरी पर छूटा, जिससे वह कुल 15-13 के स्कोर के साथ खिताब जीतने में सफल रहे।
इस इवेंट में हर जीत पर छह प्वाइंट मिलते हैं, क्लासिकल में ड्रॉ पर तीन प्वाइंट मिलते हैं, जबकि रैपिड चेस में जीत पर चार प्वाइंट और ड्रॉ पर दो प्वाइंट मिलते हैं। ब्लिट्ज में हर जीत पर दो प्वाइंट और ड्रॉ पर एक प्वाइंट मिलता है। अमेरिका के ही वेस्ली सो ने तीसरे स्थान के लिए हुए प्लेऑफ में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।