साक्षी मलिक की गिनती भारत की सबसे दिग्गज महिला पहलवानों में की जाती है। वह ओलंपिक में भारत के लिए मेडल जीतने वाली पहली महिला रेसलर रहीं। हालांकि, हरियाणा के गलियों से निकलर पोडियम तक पहुंचने का यह सफर चुनौतियों से भरा रहा।
साक्षी का जन्म 3 सितंबर, 1992 को हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा गांव में हुआ। साक्षी के दादा सुबीर मलिक पहलवान थे और उन्हें ही देखकर साक्षी की इस खेल के प्रति दिलचस्पी जागी। साक्षी ने बचपन में ही ठान लिया था कि वह अपना भविष्य इस खेल में ही बनाएंगी। हालांकि, उनके माता-पिता इस बात के खिलाफ थे और उनका दादा तक नहीं चाहते थे कि वह रेसलिंग करें। मगर साक्षी की जिद के आगे हर किसी को झुकना पड़ा।
महज 12 साल की उम्र में साक्षी ने पहली बार अखाड़े में कदम रखा और ट्रेनिंग शुरू कर दी। इसके बाद साक्षी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 17 साल की उम्र में साक्षी ने जूनियर एशियाई विश्व चैंपियनशिप में 59 किलोग्राम वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके बाद 2010 में उन्होंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भी अपना जलवा बिखेरा और ब्रॉन्ज मेडल जीता।