भारत के पूर्व कप्तान विरेन रास्किन्हा ने बुधवार को कहा कि पुरुष हॉकी टीम वर्ल्ड कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि टीम पर उम्मीदों और दबाव का बोझ आगे भी रहेगा, क्योंकि 19 सितंबर से जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत हो रही है।
हाल ही में नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में भारत आठवें स्थान पर रहा। इस प्रदर्शन के बाद टीम के लिए ज्यादा राहत की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि अब उसकी नजर जापान में होने वाले एशियन गेम्स पर है। इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन मिलेगा।
'सोनी स्पोर्ट्स' नेटवर्क द्वारा आयोजित वर्चुअल बातचीत में रास्किन्हा ने 'आईएएनएस' से कहा, "जाहिर है कि दबाव तो होगा ही, क्योंकि पुरुष हॉकी के लिहाज से हमने उम्मीद से कमतर प्रदर्शन किया। मुझे लगा कि महिला टीम ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। इसलिए उन्हें अपनी सकारात्मक लय बनाए रखने की जरूरत है। मगर पुरुष हॉकी में निश्चित रूप से दबाव होगा। जैसा कि मैंने कहा, हम दावेदार हैं और हमें अपने काम में मजबूत रहना होगा।"