जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव का 2026 सीजन शानदार रहा है, जिससे वह पुरुष टेनिस की विश्व नंबर-1 रैंकिंग के पहले से ज्यादा करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, ज्वेरेव का मानना है कि उनकी कामयाबी सिर्फ कोर्ट पर किए गए प्रदर्शन की वजह से नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सफलता की असली नींव लाइमलाइट और सुर्खियों से दूर, कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार तैयारी के जरिए रखी गई है।
29 वर्षीय जर्मन टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो बड़े खिताब जीते हैं। वह एटीपी रैंकिंग के इतिहास में (1973 से) दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी बनने वाले 30वें खिलाड़ी बनने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, शुक्रवार को वू यिबिंग के खिलाफ अपने शंघाई अभियान की शुरुआत से पहले ज्वेरेव का ध्यान रैंकिंग या उपलब्धियों पर नहीं, बल्कि उन लोगों पर है जिन्होंने इस पूरे सफर में उनका साथ दिया है।
ज्वेरेव ने 'एटीपी मीडिया' से कहा, "हम सभी एक ही लक्ष्य के लिए संघर्ष और कड़ी मेहनत कर रहे हैं, और इसे एक साथ हासिल करना और भी खास है।" उनके सबसे करीबी लोगों में, उनके पिता उनके 'प्लेयर बॉक्स' में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं। ज्वेरेव का कहना है कि यह रिश्ता उन्हें सीजन की चुनौतियों के बीच अपनापन और स्थिरता का एहसास दिलाता है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मेरे बॉक्स में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हमेशा मेरे पिता होते हैं। मुझे लगता है कि मैं ज्यादातर समय इसी का आदी रहा हूं।"